लखनऊ: लामार्टिनियर स्कूल कैंपस में छात्र की संदिग्ध मौत केस की जांच करेगी SIT, सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश

सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट (SC) ने 16 सितंबर 2019 को जांच के लिए लखनऊ पुलिस को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. अब कोर्ट ने लखनऊ पुलिस की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसआईटी गठित कर आठ सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट मांगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 11:23 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के प्रतिष्ठित लामार्टिनियर स्कूल (La Martiniere School) के छात्र राहुल श्रीधर की मौत (Student Rahul Shreedhar Death Case) की एसआईटी जांच होगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) ने छात्र के परिजनों की अर्जी पर यूपी सरकार को आदेश दिया है. एसएसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी बनाने का आदेश हुआ है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ़्ते में एसआईटी जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है. 5 साल पहले नवीं के छात्र राहुल श्रीधर की लामार्टिनियर स्कूल परिसर में संदिग्ध हालातों में मौत हुई थी. राहुल श्रीधर के पिता ने पुलिस जांच में लापरवाही का आरोप लगाया था.

ये है पूरा मामला

पीजीआई के टेक्निकल अफसर वी. श्रीधर का बेटा राहुल श्रीधर (14) ला मार्टिनियर स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था. 10 अप्रैल 2015 को सुबह 9 बजे स्कूल के कांस्टेंशिया स्मारक से संदिग्ध हालात में गिरकर उसने दम तोड़ दिया था. राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाना में अज्ञात लोगों पर बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया था. पुलिस ने घटना को आत्महत्या बताकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसके बाद परिवारजन ने न्यायालय की शरण ली थी. इस प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी गौतमपल्ली व विवेचक एसके कटियार पर भी कोर्ट के आदेश पर हत्या व साजिश की रिपोर्ट दर्ज हुई थी. परिवार ने राहुल के एक फेसबुक फ्रेंड पर भी शक जताया था.



लखनऊ पुलिस से नाराज सुप्रीम कोर्ट
बता दें इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर 2019 को जांच के लिए लखनऊ पुलिस को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. अब कोर्ट ने लखनऊ पुलिस की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसआईटी गठित कर आठ सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट मांगी है.

पिछले साल घटना का रिक्रिएशन किया गया था 

बता दें पिछले साल ही परिवार की अपील पर कोर्ट ने निर्देश दिया था, जिसके बाद 4 साल बाद गौतमपल्ली पुलिस ने 2019 में घटना का रीक्रिएशन किया. राहुल के माता-पिता की मौजूदगी में फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस ने डमी को अलग-अलग ढंग से 5 बार बिल्डिंग की छत से नीचे गिराया और छानबीन की. लेकिन इसका भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला था.
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