उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा को रायबरेली से तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश

रेप पीड़िता के वकील ने चाचा की जान को खतरा बताते हुए उन्हें रायबरेली से तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का अनुरोध किया था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 2, 2019, 1:58 PM IST
उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा को रायबरेली से तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो
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Updated: August 2, 2019, 1:58 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के रायबरेली जेल में बंद उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है. शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच द्वारा यह आदेश पारित किया गया. दरअसल पीड़िता के वकील द्वारा उसके चाचा की जान को खतरा बताते हुए उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट करने की मांग की गई थी.

कोर्ट में पीड़ित युवती की तरफ से पेश हुए वकील बी राजशेखरन ने चाचा की सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आग्रह किया. इसके जवाब में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. इसके बाद बेंच ने पीड़िता के चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया.



रेप पीड़िता का इलाज केजीएमयू में ही
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कोर्ट ने रेप पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एयरलिफ्ट करने की भी सुनवाई की. मामले में सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि परिजनों का कहना है कि पीड़िता अभी बेहोश है. वो लखनऊ में हो रहे इलाज से संतुष्ट हैं. फिलहाल उसका इलाज लखनऊ में ही हो. परिजनों ने यह भी मांग की कि इमरजेंसी की हालत में उन्हें इसे सुप्रीम कोर्ट में मेंशन कराने की अनुमति मिलनी चाहिए. हालांकि यूपी सरकार की तरफ से बताया गया कि पीड़िता की हालत में सुधार हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने परिवार से कहा कि किसी भी आपात स्थित में वो कोर्ट आ सकते हैं.

पीड़ित युवती इसी कार में अपने परिजनों के साथ रायबरेली से उन्नाव लौट रही थी. रास्ते में सामने से आ रहे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी जिसमें उसकी मौसी और चाची की मौत हो गई थी. दुर्घटना में पीड़ित युवती और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे.


मामले की दोबारा सुनवाई सोमवार को

बुधवार को मामले का संज्ञान लेने के बाद गुरुवार से सुप्रीम कोर्ट इस पर लगातार सुनवाई कर रहा है. शुक्रवार को भी इस मामले की सुनवाई हुई. अब इसपर अगली सुनवाई सोमवार को होगी. इससे पहले गुरुवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि पीड़िता से जुड़े पांचों केस दिल्ली ट्रांसफर किए जाएं. इनमें गैंगरेप, पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत, सड़क हादसे के केस शामिल हैं. इनकी सुनवाई तीस हजारी कोर्ट में जिला जज धर्मेश शर्मा करेंगे. ट्रायल शुरू होने पर इन्हें 45 दिन में निपटाया जाए.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता को 25 लाख मुआवजा देने का भी आदेश दिया था. जिसके बाद डीएम ने गुरुवार रात पीड़ित युवती के परिजनों को 25 लाख रुपए का चेक सौंप दिया. साथ ही देर रात से पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा में सीआरपीएफ लगा दी गई है.


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First published: August 2, 2019, 11:49 AM IST
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