उन्नाव रेप पीड़िता से संबंधित सभी केस दिल्ली ट्रांसफर, CBI को 7 दिन में जांच पूरी करने का आदेश

सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने सीबीआई से यह भी पूछा कि पीड़िता की हालत अब कैसी है? क्या उसे दिल्ली लाया जा सकता है? अगर हां तो हम तुरंत आदेश देते हैं कि उसे दिल्ली लाया जाए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 1, 2019, 1:12 PM IST
उन्नाव रेप पीड़िता से संबंधित सभी केस दिल्ली ट्रांसफर, CBI को 7 दिन में जांच पूरी करने का आदेश
जेल में बंद चाचा से मिलने जा रही पीड़िता और उसके परिजन रायबरेली में दुर्घटना के शिकार हो गए थे. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्‍त रुख अपना लिया है. (फाइल फोटो)
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Updated: August 1, 2019, 1:12 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यह देश में हो क्या रहा है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने मामले से जुड़े सभी केस को दिल्ली ट्रांसफर करने और सीबीआई को मामले की जांच 7 दिन में पूरा करने का आदेश भी सुनाया. अब मामले में अगली सुनवाई 2 बजे होगी.

इससे पहले चीफ जस्टिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए सुबह 10.30 सुनवाई शुरू की. इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने मामले में केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल से रिपोर्ट मांगी. इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. इसके बाद कोर्ट ने 12 बजे सीबीआई को एक आधिकारी को पेश होने का निर्देश दिया. 12 बजे मामले की फिर सुनवाई शुरू हुई. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले में अब तक चार आरोप पत्र दाखिल हुए हैं. इसके बाद कोर्ट ने रेप मामले से जुड़े सभी केस को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया. साथ ही सीबीआई से एक्सीडेंट मामले की जांच 7 दिन में पूरा करने को कहा.

पीड़िता अगर दिल्ली लाने की स्थिति में है तो उसे तुरंत लाएं

सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने सीबीआई से यह भी पूछा कि पीड़िता की हालत अब कैसी है? क्या उसे दिल्ली लाया जा सकता है? अगर हां तो हम तुरंत आदेश देते हैं कि उसे दिल्ली लाया जाए. साथ ही हादसे में घायल वकील को भी उचित इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया.

इससे पहले चीफ जस्टिस गोगोई को उन्नाव रेप पीड़िता का लिखा पत्र मिलने में हुई देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी. सीजीआई की पीठ ने बुधवार को मामले का स्वत संज्ञान लेते हुए रजिस्ट्रार से पूछा था कि 12 जुलाई को लिखा ख़त मंगलवार तक उनके सामने क्यों पेश नहीं की गई.

 

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First published: August 1, 2019, 11:22 AM IST
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