UP: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अंतरिम जमानत पर SC ने लगाई रोक, रेप का है आरोप

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अंतरिम जमानत पर SC ने लगाई रोक (file photo)
पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अंतरिम जमानत पर SC ने लगाई रोक (file photo)

बीते 4 सितंबर को ही गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) को इलाहाबाद हाईकोर्ट (High Court) की लखनऊ बेंच ने रेप से जुड़े एक मामले में जमानत मिली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 2:34 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सपा सरकार के दौरान मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति (Gayatri Prasad Prajapati) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को गायत्री प्रजापति को मिली अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी है. उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया. साथ ही नोटिस जारी किया गया है. दरअसल, 5 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गायत्री प्रजापति को दो माह की अंतरिम जमानत दी थी. बता दें कि पूरा मामला सपा शासनकाल का ही है जब चित्रकूट की एक महिला ने मंत्री गायत्री प्रजापति पर रेप का आरोप लगाया था. इसके बाद फ़रवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गायत्री प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज करते हुए गिरफ्तार केस किया गया था.

4 सितंबर को मिली थी हाईकोर्ट से 2 महीने की जमानत
बता दें कि बीते 4 सितंबर को ही गायत्री प्रजापति को हाईकोर्ट से रेप केस में जमानत मिली थी. रेप मामले में जेल में बंद यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गायत्री प्रसाद प्रजापति को 2 महीने की राहत दी थी. गायत्री प्रजापति लखनऊ जेल में कई महीनों से बंद थे. गायत्री प्रजापति अखिलेश यादव सरकार में खनन मंत्री रहे हैं.

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को 11 सितंबर की रात फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था. लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के मामले में प्रजापति को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. फिलहाल गायत्री प्रसाद प्रजापति केजीएमयू में भर्ती हैं.
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यह एफआईआर रेप का आरोप लगाने वाली महिला के पूर्व वकील दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने करवाई थी. एफआईआर में पीड़ित महिला को भी आरोपी बनाया गया है. त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए रेप पीड़िता और आरोपी गायत्री प्रजापति के बीच करोड़ों का लेनदेन हुआ.
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