लाइव टीवी

पवन कुमार को हटाने की वजह बनी पूर्व IFS की वो चिट्ठी जिसका अखिलेश राज में नहीं लिया गया था संज्ञान!

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 8, 2019, 12:28 PM IST
पवन कुमार को हटाने की वजह बनी पूर्व IFS की वो चिट्ठी जिसका अखिलेश राज में नहीं लिया गया था संज्ञान!
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के PCCF पवन कुमार (बाएं) को सरकारी जमीन की हेराफेरी के मामले में पद से हटाया

सोनभद्र में वन विभाग की भूमि पर कब्जे के मामले की शिकायत सबसे पहले तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक (भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त) एके जैन ने 2014 में अखिलेश सरकार के दौरान की थी जिनकी बाद में संदिग्ध तरीके से एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी.

  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरे एक्शन मोड में है एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई किए जाने से हड़कंप मच गया है. गुरूवार को एक ओर भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में सीएम योगी के निर्देश पर सूबे के 7 PPS अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया गया. तो वहीं दूसरी ओर सोनभद्र में करीब 1 लाख हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जा कराने के मामले में यूपी के प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से उनके पद से पद से हटा दिया गया है.

वन विभाग की करोड़ों की जमीन की हेराफेरी
ये कार्रवाई पूर्व IFS अधिकारी एके जैन की उस शिकायत पर की गई है. जिसमें एके जैन ने सोनभद्र में वन विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव संजीव सरन और सचिव पवन कुमार की मिलीभगत से वन विभाग की करीब 1 लाख हेक्टेयर जमीन पर कब्जा करा दिए जाने का आरोप लगाया था. जिसके बाद एके जैन का आगरा तबादला कर दिया गया था. जिसके कुछ दिनों बाद ही एक एक्सीडेंट में एके जैन की मौत हो गई थी इस एक्सिडेंट को भी संदिग्ध बताया जाता है.

सोनभद्र में वन विभाग की भूमि पर कब्जे के मामले की शिकायत सबसे पहले तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक (भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त) एके जैन ने 2014 में अखिलेश सरकार के दौरान की थी. पूर्व IFS अधिकारी एके जैन के भाई विवेक जैन बताते हैं कि एके जैन ने पूरे सोनभद्र क्षेत्र की जांच कर शासन को एक रिपोर्ट भेजी थी. जिसमें उन्होने शासन को बताया था कि किस तरह से जंगल, खनन माफियाओं के साथ बाहुबली और प्रशासनिक मशीनरी ने मिलकर जंगल की जमीन को प्राइवेट लोगों के हाथों सौंप दिया है.

उन्होंने अपनी रिपार्ट में बताया था कि करीब 40 हजार करोड़ की कीमत वाली 1 लाख हेक्टेयर जमीन को प्रशासन की मिलीभगत से प्राइवेट लोगों के हाथों बेच दिया गया. उन्होंने अपने ही विभाग के कुछ अधिकारियो को संदेह के घेरे में लिया था और अपनी रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में शामिल सफेदपोशों को सामने लाने के लिए इस मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की थी.

परिजनों के सवाल?
पूर्व IFS अधिकारी एके जैन के भाई विवेक जैन कहते हैं कि 'अगर उन्होंने कोई रिपोर्ट भेजी थी और उस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी तो उस रिपोर्ट की गंभीरता को समझना चाहिए था. लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया और जब ये रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई तो उनका ही तबादला आगरा कर दिया गया. विवेक जैन कहते हैं उनको जान से मारने की लगातार धमकियां मिल रही थीं. जिसके बाद 11 जुलाई 2018 को एक रोड एक्सीडेंट में उनका निधन हो गया. वो आरोप लगाते हुए कहते हैं कि वो एक्सी़डेंट भी एक साजिश था.
Loading...

News 18 से बातचीत में विवेक कहते हैं कि हमने उस वक्त भी इस पूरे मामले की जांच की मांग भी उठाई थी लेकिन सारे सबूत नष्ट कर दिए गए थे. हमारे पास कोई सबूत नहीं था यहां तक कि उनका कोई उनका कागज हमें नहीं मिला, उनका आईपैड भी हमें नहीं मिला.' हांलाकि ये कार्रवाई 12 जुलाई 2019 को पूर्व राज्यपाल द्वारा सीएम को पूर्व IFS एके जैन की रिपोर्ट पर जांच कराने के लिए लिखे गए पत्र के बाद हुई. जांच में यूपी के पूर्व तेजतर्रार IFS अधिकारी एके जैन की शिकायत सही मिली. जिसके बाद आज यानि गुरूवार को वन विभाग के तत्कालीन सचिव और मौजूदा यूपी के PCCF पवन कुमार को तत्काल उनके पद से हटा दिया गया.

जबकि पूर्व IFS एके जैन की शिकायत के आधार पर ही योगी सरकार ने 2017 में तत्कालीन प्रमुख सचिव वन संजीव कुमार को भी उनके पद से हटा दिया था. लेकिन एके जैन के भाई विवेक जैन सवाल उठाते हैं कि आखिर हजारों करोड़ की कीमत वाली सरकारी जमीन को बेचने वाले अधिकारियों को सिर्फ उनके पद से हटा दिए जाने से उनके गुनाह माफ हो जाएंगे या फिर योगी सरकार अखिलेश राज में हुए वन विभाग के इस जमीन घोटाले के दोषी अफसरों के खिलाफ भी DHFL मामले की तर्ज पर FIR दर्ज कराकार कोई कड़ी कार्रवाई करेगी?

ये भी पढ़ें - पड़ताल: DHFL घोटाले में गिरफ्तार हुए UPPCL के पूर्व MD एपी मिश्रा कैसे बने अरबपति मिश्रा?


योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, अब तक 600 से ज्यादा अफसरों पर कार्रवाई

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 7, 2019, 7:53 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...