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BJP के लिए 'नाक का सवाल' बना शिक्षक/स्नातक विधान परिषद चुनाव, पोलिंग बूथों पर मतदाता सम्मेलन की तैयारी

विधानसभा उपचुनावों में जीत क बाद बीजेपी ने विधानपरिषद चुनावों में ताकत झोंक दी है
विधानसभा उपचुनावों में जीत क बाद बीजेपी ने विधानपरिषद चुनावों में ताकत झोंक दी है

बीजेपी (BJP) ने चुनाव मैदान में पूरी ताकत भी झोंक रखी है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, महामंत्री संगठन सुनील बंसल और चुनाव में लगाए गए पार्टी पदाधिकारी लगातार अलग-अलग शिक्षक और स्नातक खंडों मे सक्रिय हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शिक्षक/स्नातक कोटा का विधान परिषद चुनाव (UP MLC Election) 1 दिसंबर को होने जा रहा है. इस चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल मैदान में हैं और जोर आजमाइश में जुटे हैं. प्रदेश में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) अभी तक सीधे तौर पर इन चुनावों में नहीं उतरती थी, लेकिन इस बार पहली बार बीजेपी ने मैदान में विरोधियों को टक्कर देने की ठान ली है. पार्टी ने इस बार 9 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. बता दें चुनाव 11 सीटों के लिए होगा, इसमें वाराणसी और गोरखपुर में बीजेपी ने प्रत्याशी नहीं उतारा है.

यही नहीं बीजेपी ने चुनाव मैदान में पूरी ताकत भी झोंक रखी है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, महामंत्री संगठन सुनील बंसल और चुनाव में लगाए गए पार्टी पदाधिकारी लगातार अलग-अलग शिक्षक और स्नातक खंडों मे सक्रिय हैं. रणनीतिक फैसले लेते हुए पार्टी ने 23 से 25 सितंबर तक मतदाता संपर्क अभियान चलाया है. वहीं 26 नवंबर से 28 नवंबर तक पोलिंग बूथों पर मतदाता सम्मेलन का आयोजन होगा.

यूपी बीजेपी महामंत्री अमरपाल मौर्य कहते हैं कि पार्टी की रणनीतिक तैयारी और कार्यकर्ताओं की मेहनत से हम सभी सीटों पर जीतेंगे. वे कहते हैं कि मतदाताओं को जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है और हम इस जिम्मेदारी को निभाने मे सफल हैं. बताते चले कि अभी तक विधानपरिषद मे शिक्षकों का एक गुट शर्मागुट का वर्चस्व था. बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार ये वर्चस्व वो तोड़ने में सफल रहेगी.



ये रहा समीकरण
उत्तर प्रदेश की कुल 100 विधान परिषद सीटें हैं. इनमें से बीजेपी के पास महज 21 सदस्य हैं. जबकि सपा के पास 55 सदस्य हैं और बसपा के पास 8 विधान परिषद सदस्य हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पास दो सदस्य हैं, जिनमें से एक सदस्य दिनेश प्रताप सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. इनके अलावा 5 सदस्य स्नातकों के द्वारा चुने जाते हैं और 6 सदस्य शिक्षक संघ के द्वारा चुनकर आते हैं. इन सदस्यों के क्षेत्र कई जिले और कई मंडलों को मिलकर होते हैं.
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