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यूपी से कम हुए 10 हजार हज आवेदक, क्या बढ़ती मंहगाई है वजह ?

उत्तर प्रदेश में बेहद कम हो गए हज पर जाने वालों के आवेदन (हज यात्री- फ़ाइल तस्वीर)

उत्तर प्रदेश में बेहद कम हो गए हज पर जाने वालों के आवेदन (हज यात्री- फ़ाइल तस्वीर)

मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली (Maulana Khalid Rashid Farangi Mahli) गिरती हुई हज यात्रियों (Haj pilgrims) की संख्या के लिए सरकार की नीतियों (Government policies) को जिम्मेदार मानते हैं. वहीं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा (Mohsin Raza Minister of State for Minority Welfare) कहतें हैं कि हमारी जिम्मेदारी बेहतर हज अरेजमेंट की होती है बातें हज कमेटी ऑफ इंडिया (Haj Committee of India) तय करती है...

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लखनऊ. हज यात्रा 2020 के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या इस साल पिछले साल के मुकाबले में बेहद कम हो गई है. पिछले साल जहां ये आंकड़ा 34 हजार के पार था लेकिन इस बार महज 22 हजार लोगों ने ही हज पर जाने के लिए आवेदन किया है. मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली (Maulana Khalid Rashid Farangi Mahli) गिरती हुई हज यात्रियों  (Haj pilgrims) की संख्या के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार मानते हैं. वहीं बहुत से लोग बढ़ती मंहगाई को इसकी वजह बताते नजर आए.

क्या हैं वजहें ?
इस बारे में जानकारी देते हुए हज कमेटी ने इस गिरती हुई संख्या को लेकर चिंता जताई है. क्यों कम हो रही है हाजियों की संख्या ये चिंता का विषय है उनका कहना है कि हर मुसलमान की तमन्ना कम से कम एक बार हज पर जाने की जरूर होती है. लेकिन इस साल उत्तर प्रदेश से हज यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है. यात्रियों की कम संख्या देखते हुए पहले ही हज कमेटी ऑफ इंडिया अंतिम तिथि को आगे बढ़ा चुकी है. बावजूद इसके पिछली बार जहां हज पर 34 हजार के आस-पास लोग हज पर गए थे. वहीं इस बार 22 हजार से भी कम लोगों ने अपना आवेदन किया है.

हज यात्री, हज कमेटी कार्यालय
उत्तर प्रदेश हज कमेटी कार्यालय


news 18 की पड़ताल में कम होते हज आवेदन की जो वजहें सामने आईं वो ये हैं-
- हज के लिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करने की अनिवार्यता. इस अनिवार्यता ने ग्रामीण अंचलों में लोगों के
हज पर जाने की मुश्किलों को बढ़ा दिया है.
- एक व्यक्ति पूरे जीवन में एक बार ही हज कमेटी से हज पर जा सकता है, हज कमेटी ऑफ इंडिया के नियम के अनुसार एक व्यक्ति जीवन में एक बार हज कमेटी से हज पर जा सकता है दोबारा नहीं ये भी कम होते आवेदनों की बड़ी वजह है.
- बढ़ती हुई मंहगाई भी एक वजह है जी हां! हर साल बढ़ती मंहगाई भी हज पर जाने वाले आवेदकों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं. हर साल हज यात्रा मंहगी होती जा रही है और लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है.

हज आवेदकों की कम होती संख्या पर मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली भी चिंता जताते हैं वो इसके लिए सरकारों की पॉलिसी को जिम्मेदार मानते हैं. वहीं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा कहतें हैं कि अभी आवेदन की तारीख खत्म नहीं हुई है. बढ़ी फीस को लेकर उनका कहना था कि हमारी जिम्मेदारी बेहतर हज अरेजमेंट की होती है अन्य सभी चीजें हज कमेटी ऑफ इंडिया के नियम कानून से होती हैं.

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