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खुलासा: भारत में टेरर फंडिंग का बदला रूट, अब नेपाली बैंक खातों से हो रही एंट्री

Rishabh Mani | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 11, 2019, 7:03 PM IST
खुलासा: भारत में टेरर फंडिंग का बदला रूट, अब नेपाली बैंक खातों से हो रही एंट्री
यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए 4 लोगों के मामले में भारत में टेरर फंडिंग के नए रूट का खुलासा हुआ है. File Photo: यूपी डीजीपी ओपी सिंह

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने भारत में टेरर फंडिंग नेटवर्क (Terror Funding Network) का खुलासा करते हुए 4 युवकों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 4.75 लाख रुपये की भारतीय और 1.35 लाख की नेपाली मुद्रा बरामद हुई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने भारत में टेरर फंडिंग नेटवर्क (Terror Funding Network) का खुलासा करते हुए 4 युवकों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 4.75 लाख रुपये की भारतीय और 1.35 लाख की नेपाली मुद्रा बरामद हुई है. आरोपियों के मोबाईल डेटा को रिट्रीव कर नेटवर्क से जुड़े और लोगों की तलाश में यूपी एटीएस लग गई है. डीजीपी के मुताबिक वो डिप्लोमैटिक प्रक्रिया के तहत नेपाल सरकार (Nepal Government) से भी संपर्क कर रहे हैं. बहरहाल, इस गिरफ्तारी के साथ ही एटीएस ने भारत में टेरर फंडिंग के नए रूट (New Root of Terror Funding) का भी खुलासा कर दिया है. फंडिंग की ये खेप सीधे भारत के बैंकों में आने की बजाए नेपाल के बैंकों में आ रही है और यहां से लोगों के माध्यम से आतंक की पौध में खपाई जा रही है.

इस तरह हुआ टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा
किसी भी देश में आतंकी या राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को चलाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है. भारत में भी ऐसी रकम अलग-अलग रास्तों से आती है. यूपी एटीएस ने आज ऐसे ही एक रास्ते का खुलासा किया है. दरअसल, एटीएस के रडार पर बीते कुछ दिनों से नेपाल से सटे लखीमपुर खीरी के कुछ युवक थे. एटीएस के पास इनपुट था कि पिछले साल टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों से ये युवक संपर्क में थे. शक के आधार पर जब इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो नेपाल से जुड़े टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ.

नेपाल के बैंक में ट्रांसफर, फिर नेपाली करेंसी को भारत में बदलने का खेल

इस नेटवर्क में पहले विदेशों से नेपाल के अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की जाती थी. फिर नेपाल के खातों से नेपाली करेंसी में ये रकम निकालकर भारत पहुंचाई जाती थी. इसके बाद लखीमपुर के एक युवक संजय अग्रवाल के जरिए इस नेपाली करेंसी को भारतीय मुद्रा में बदला जाता था. इसके बाद ये भारतीय करेंसी बरेली, लखीमपुर के जरिए नई दिल्ली पहुंचाई जाती थी.

नेटवर्क के अहम आदमी मुमताज की तलाश में है पुलिस: डीजीपी
मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि नई दिल्ली से ये रकम आतंकी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने के लिए भेजी जाती थी. उन्होंने बताया कि एटीएस ने खीरी के उम्मेद अली, संजय अग्रवाल, एजाज अली और बरेली के समीर सलमानी को गिरफ्तार किया है. वहीं नेटवर्क के अहम आदमी मुमताज़ की तलाश में टीमें लगी हुई हैं. यही नहीं बड़े स्तर पर जांच के लिए नेपाल के साथ हम डिप्लोमैटिक प्रक्रिया के तहत संपर्क में हैं.
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First published: October 11, 2019, 5:12 PM IST
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