डॉक्टर ने कर दिया था मृत घोषित, अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हो गया मरीज

लखनऊ के इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था. परिजनों ने दफनाने की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जब एंबुलेंस से उसकी बॉडी घर पहुंची तो वो जिन्दा मिला.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 3, 2019, 5:19 PM IST
डॉक्टर ने कर दिया था मृत घोषित, अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हो गया मरीज
मरने के बाद जिंदा हो गया मरीज( प्रतीकात्मक फोटो)
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Updated: July 3, 2019, 5:19 PM IST
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्राइवेट नर्सिंग होम की लापरवाही से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां एक जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद परिवार के लोगों ने मरीज के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन जब एंबुलेंस से मरीज का मृत शरीर घर पहुंचा तो वो जिन्दा मिला. इस घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है. साथ ही गलत रिपोर्ट देने पर चिकित्सा विभाग के हाथ-पांव फूल गए हैं.

मरीज को इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर में कराया गया था भर्ती 

जानकारी के मुताबिक, मामला लखनऊ के इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर का है. दरअसल, रोड एक्सीडेंट में घायल 20 वर्षीय फुरकान को पहले लखनऊ के इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था. गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में एडमिट किया गया. करीब एक हफ्ते तक सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक दिन इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर प्रशासन से मरीज के परिजनों ने कहा कि उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाए, क्योंकि उनके पास अस्पताल में जमा करने को पैसे नहीं हैं.

परिजनों ने दफनाने के लिए शुरू कर दी तैयारी 

परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जनरल वार्ड में शिफ्ट करने की बात पर अस्पताल प्रशासन ने कहा कि उनका मरीज मर गया है. इसके बाद परिजनों ने दफनाने की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जब एंबुलेंस से शरीर उनके घर पहुंचा तो वो जिन्दा था. वहीं, दूसरी तरफ इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनके यहां से मरीज जिन्दा हालत में घर गया था. लेकिन घर के ही किसी परिजन ने अफवाह फैला दी कि फुरकान मर गया है, जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी.

अस्पताल ने इलाज के नाम पर सिर्फ 50 हजार रुपये लिए

इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर प्रशासन का कहना है कि इस अफवाह के पीछे किसका हाथ है, उन्हें नहीं पता. लेकिन अस्पताल ने इलाज के नाम पर सिर्फ 50 हजार रुपये लिए. अस्पताल प्रशासन ने इलाज में किसी भी तरह की कोताही से इनकार किया है. वहीं, इतने गंभीर आरोपों को देखते हुए इंडिया अस्पताल एंड ट्रामा सेंटर में जांच के लिए सीएमओ ऑफिस से टीम भी पहुंच गई. सीएमओ ऑफिस से पहुंची टीम ने सभी बिन्दुओं की प्राथमिक जांच करते हुए कहा कि वो पूरी रिपोर्ट सीएमओ लखनऊ को सौंपेगी.
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रिपोर्ट- अलाउद्दीन

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First published: July 3, 2019, 4:31 PM IST
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