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गोमती रिवर फ्रंट प्राधिकरण के ज़रिए गोमती नदी की तस्वीर बदलने की तैयारी, वाटर स्पोर्ट्स का बनेगा केंद्र
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 11, 2020, 9:51 PM IST
गोमती रिवर फ्रंट प्राधिकरण के ज़रिए गोमती नदी की तस्वीर बदलने की तैयारी, वाटर स्पोर्ट्स का बनेगा केंद्र
डिफेंस एक्सपो 2020 के आयोजन के दौरान गोमती में कई कार्यक्रम आयोजित हुए.

गोमती रिवर फ्रंट प्राधिकरण (Gomti River Front Authority) में करीब एक दर्जन सदस्य होंगे, जिसमें चेयरमैन मंडलायुक्त, वाइस चेयरमैन डीएम, सीईओ नगर आयुक्त और एलडीए वीसी, एसडीएम ट्रांस गोमती, अपर नगर आयुक्त, पटेल अधिकारी संस्कृत अधिकारी और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सदस्य होंगे.

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लखनऊ. डिफेंस एक्सपो (Defense Expo 2020) जैसे शानदार आयोजनों का लखनऊ (Lucknow) की लाइफ लाइन के जाने वाली गोमती नदी (Gomti River) को बड़ा फायदा होने वाला है. जिला प्रशासन ने गोमती नदी को गुजरात की साबरमती नदी के तट की तरह खूबसूरत और सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए प्राधिकरण (Authority) बनाने की कवायद शुरू कर दी है. लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने गोमती किनारे डिफेंस एक्सपो जैसे सफल आयोजन के बाद इसकी सुंदरता और आकर्षण बनाए रखने के लिए प्राधिकरण गठित करने की योजना बनाई है, जिस पर मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने भी अपनी सहमति दे दी है.

गोमती को निखारने की कवायद में नगर निगम भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. साथ ही अलग-अलग विभाग भी अपनी मदद करेंगे. गोमती के रिंग को संवारने के लिए बनाए जा रहे गोमती रिवर फ्रंट प्राधिकरण में करीब एक दर्जन सदस्य होंगे, जिसमें चेयरमैन मंडलायुक्त, वाइस चेयरमैन डीएम, सीईओ नगर आयुक्त और सदस्य एलडीए वीसी, एसडीएम ट्रांस गोमती, अपर नगर आयुक्त, पटेल अधिकारी संस्कृत अधिकारी और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता होंगे.

लखनऊ नगर निगम की सीमा विस्तार के साथ बढ़ेगा दायरा
फिलहाल गोमती रिवरफ्रंट प्राधिकरण पहले चरण के अंतर्गत गऊघाट से ला मार्टिनियर कॉलेज के पीछे तक विकसित किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में उन कामों को भी शामिल किया जाएगा, जहां तक नगर निगम सीमा का विस्तार होगा. जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के मुताबिक एक बार प्राधिकारण बन जाने के बाद गोमती रिवरफ्रंट का लगातार विकास होता रहेगा.

दरअसल जिला प्रशासन गोमती रिवरफ्रंट के जरिए लखनऊ में पर्यटन की अपार संभावनाएं देख रहा है जिला अधिकारी के मुताबिक इसे पीपीपी मॉडल और सीएसआर फंड की मदद से भी विकसित किया जाएगा. वाटर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे, जिससे शहर के लोगों का गोमती के साथ जुड़ाव बड़े और साथ ही राजस्व भी बढ़े.

कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होंगे आयोजित
मजे की बात यह भी है कि गोमती किनारे किसी भी तरीके के राजनीतिक एजेंडे को अनुमति नहीं मिलेगी. यानी कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम धरना-प्रदर्शन, रैली या गोष्ठी इन कार्यक्रमों पर पाबंदी लगी रहेगी. वहीं वाटर स्कूटर, वॉटर स्पोर्ट्स के अलावा फूड कोर्ट फूड स्टॉल और आइसक्रीम के दुकानदारों को इसके जरिए फायदा पहुंचाया जाएगा.गोमती को संवारने के साथ ही ओडीओपी प्रदर्शनी भी लगेगी
प्रशासन की मंशा है कि गोमती रिवरफ्रंट प्राधिकरण बनाने के बाद एक तरफ जहां गोमती को सजाने संवारने का काम किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर ओडीओपी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इसलिए सरकार की प्राथमिकता वाले ओडीओपी की प्रदर्शनी के जरिए जहां कलाकृतियों को एक प्लेटफार्म मिलेगा, वहीं दूसरी ओर इसी बहाने गोमती रिवरफ्रंट पर लोगों की आमद भी बढ़ेगी. हालांकि इसमें कितना वक्त लगेगा अभी यह कह पाना मुश्किल है. लेकिन जिस तरीके से जिला प्रशासन साफ नियत से गोमती के उद्धार का बीड़ा उठा रहा है उम्मीद है आने वाले दिनों में इसका बदला हुआ स्वरूप दिखाई देगा.

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First published: February 11, 2020, 9:51 PM IST
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