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UP Cabinet: जितिन प्रसाद को मिला टेक्निकल एजुकेशन, जानें किसको मिला कौन सा मंत्रालय

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार के नए मंत्रियों को बांटे गए विभाग.

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार के नए मंत्रियों को बांटे गए विभाग.

Yogi Government Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल हुए जितिन प्रसाद को प्राविधिक शिक्षा विभाग का दायित्व दिया गया है. राज्य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार को राजस्‍व विभाग, संजीव कुमार को समाज कल्‍याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्‍याण, दिनेश खटीक को जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई.

  • News18Hindi
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    लखनऊ. विधानसभा चुनाव से करीब चार महीने पहले हुए योगी सरकार (Yogi Government) के मंत्रिमंडल ​विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद सभी नए मंत्रियों को विभागों का आवं​टन कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शामिल हुए जितिन प्रसाद को प्राविधिक शिक्षा विभाग का दायित्व प्रदान किया गया है. पहले ये विभाग कमला रानी वरूण के पास था. राज्य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार को राजस्‍व विभाग, राज्य मंत्री संजीव कुमार को समाज कल्‍याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्‍याण विभाग, राज्य मंत्री दिनेश खटीक को जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का दायित्व सौंपा गया है.

    उत्तर प्रदेश सरकार में शामिल मंत्रियों में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधा गया है. मंत्रियों की शपथ के बाद कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद को प्राविधिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. पहले ये विभाग कमला रानी वरूण के पास था. राज्य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार को राजस्‍व विभाग,
    राज्य मंत्री संजीव कुमार को समाज कल्‍याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्‍याण विभाग, राज्य मंत्री पल्टू राम को सैनिक कल्‍याण, होमगार्ड, प्रान्‍तीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा विभाग मिला है. इसके साथ ही राज्य मंत्री डॉ. संगीता बलवंत को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. धर्मवीर प्रजापति को औद्योगिक विकास विभाग का दायित्व प्रदान किया गया है.

    सोशल इंजीनियरिंग और गठबंधन का बड़ा गुलदस्ता

    बीजेपी ने सामाजिक समीकरण और गठबंधन का बड़ा गुलदस्ता बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. निषाद पार्टी और अपनादल से गठबंधन इसका नमूना है. सोशल इंजीनियरिंग का गुलदस्ता खुद शाह ने तैयार किया है. पिछले चुनाव में लगभग 20 फीसदी मुसलमानों को छोड़कर को छोड़कर सवर्ण, पिछड़ा और दलितों के 80 फीसदी वोट को टारगेट किया था लेकिन इस बार बीजेपी ने सामाजिक समीकरण में भी माइक्रोमैनेजमेंट किया है. पार्टी 20 फीसदी मुस्लिम वोट के अलावा करीब 10 फीसदी यादव और 10-11 फीसदी जाटव वोटों को छोड़कर दलित-पिछड़ों के बाकी वोटों को अपने पक्ष में एकजुट करने में जुट गई है.

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