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पहली बार UP उपचुनाव लड़ रही बसपा के लिए नतीजे तय करेंगे 2022 का भविष्य

Ajayendra Rajan | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 23, 2019, 2:03 PM IST
पहली बार UP उपचुनाव लड़ रही बसपा के लिए नतीजे तय करेंगे 2022 का भविष्य
2007 में उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बनने के बाद बसपा धीरे-धीरे प्रदेश में सत्ता से पकड़ खोती चली गई.

यूपी विधानसभा उपचुनाव (UP Assembly By Election 2019) में बसपा (BSP) को अपनी एक सीट अंबेडकरनगर (Ambedkarnagar) की जलालपुर (Jalalpur) बचानी है, वहीं दूसरी तरफ कई सीटों पर उसकी निगाहें हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव (UP Assembly By-Election 2019) में अर्से बाद हाथ आजमा रही बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) के लिए 24 अक्टूबर को आ रहे चुनाव के नतीजे (Result) पार्टी का भविष्य तय करेंगे. इस उपचुनाव में बसपा को अपनी एक सीट अंबेडकरनगर की जलालपुर बचानी है, वहीं दूसरी तरफ कई सीटों पर उसकी निगाहें हैं. दरअसल 2007 में उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बनने के बाद बसपा धीरे-धीरे प्रदेश में सत्ता से पकड़ खोती चली गई. समय के साथ उसकी लोकसभा और विधानसभा सीटों में बुरी तरह गिरावट दर्ज हुई. लगातार तीन लोकसभा और दो विधानसभा चुनाव में बसपा का जनाधार लगातार कम हुआ. इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने पहली बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन किया और 10 सीटें जीतने में कामयाब रही. लेकिन चुनाव बाद ही मायावती ने इस गठबंधन से किनारे कर लिया.

अब मायावती ने यूपी विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है. बता दें इस उपचुनाव में बसपा की अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट दांव पर लगी है. इसके अलावा पार्टी घोसी, लखनऊ कैंट, इगलास, बलहा, गंगोह सीटों पर भी पूरा जोर लगा रही है.

उपचुनाव तय करेंगे बसपा का यूपी में राजनीतिक भविष्य

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ये उपचुनाव बसपा के उत्तर प्रदेश की राजनीति में भविष्य तय करेंगे. वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते हैं कि बहुजन समाज पार्टी ने इस उपचुनाव में हिस्सा तो लिया लेकिन उसने राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते कहीं भी एजेंडा पेश नहीं किया. उसने ये नहीं बताया कि जनता उसे वोट क्यों दे? उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर बसपा इस उपचुनाव में अच्छी जीत हासिल करती है या दूसरे स्थान पर भी रहती है तो पार्टी में टिकट के दावेदारों में बढ़ोत्तरी होगीृ.

अगर तीसरे स्थान पर भी रही बसपा तो होगा ये नुकसान

वहीं अगर इस उपचुनाव में बसपा हारती है या तीसरे स्थान पर रहती है तो उत्तर प्रदेश की सियासत में उसके भविष्य पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे. क्योंकि लगातार विधानसभा चुनावों में उसका प्रदर्शन नीचे ही जा रहा है. वहीं अगर इस बार के लोकसभा चुनाव में 10 सीटों की बात करें तो चूंकि इस चुनाव में बसपा ने सपा के साथ गठबंधन किया था लिहाजा ये अकेले बसपा की उपलब्धि नहीं मानी जाएगी.

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First published: October 23, 2019, 2:03 PM IST
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