UPSRTC के ड्राइवरों को सोने नहीं देगा ये इज़राइली सेंसर डिवाइस

यूपी परिवहन निगम की बसों में लगेगा ये डिवाइस
यूपी परिवहन निगम की बसों में लगेगा ये डिवाइस

इस सेंसर डिवाइस के 3 बटन ड्राइवर को जगाते रहेंगे. बस के 25 मीटर आगे किसी वाहन के आने पर हरा अलार्म, साढे 12 मीटर पर गुलाबी अलार्म और गाड़ी बिल्कुल किसी वाहन के सामने आने पर रेड सिग्नल अलार्म बजेगा, बस में अपने आप इमरजेंसी ब्रेक भी लग जाएगा

  • Last Updated: July 15, 2019, 3:44 PM IST
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पिछले दिनों यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए एक हादसे ने यूपी के परिवहन विभाग को झकझोर कर रख दिया है. विभाग अब एक ऐसे डिवाइस पर काम कर रहा है जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकती है. खासतौर ड्राइवर की झपकी लगने पर होने वाले हादसे. पिछले दिनों गाज़ियाबाद डिपो की बसों में एक ऐसे इज़राइली डिवाइस का प्रयोग किया गया जो ड्राइवरों को सोने नहीं देगा. सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही इसे खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

सुस्ती पर अलर्ट, झपकी आई तो अलार्म के साथ लगेगा इमरजेंसी ब्रेक
यमुना एक्सप्रेस वे पर ड्राइवर को नींद आने के बाद हुए बस हादसे में 30 लोगों की मौत के बाद परिवहन विभाग इस सेंसर डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर है. ये तकनीक सफर के दौरान ड्राइवरों को झपकी भी नहीं आने देगी. झपकी आने पर बसों में लगे सेंसर डिवाइस से अलार्म बजेगा और यह ड्राइवर को सुस्ती आने पर हर 1 किलोमीटर पर अलर्ट करता रहेगा. एक डिवाइस की कीमत लगभग 20 से 25 हजार बताई जा रही है. गाजियाबाद के बाद लखनऊ के अवध बस डिपो की कई एसी जनरथ बसों में इसको लगाया गया है. सब ठीक रहा तो इस सेंसर को इजरायली कंपनी से खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

ऐसे काम करेगा ये डिवाइस
इस सेंसर डिवाइस के 3 बटन ड्राइवर को जगाते रहेंगे. बस के 25 मीटर आगे किसी वाहन के आने पर हरा अलार्म, साढे 12 मीटर पर गुलाबी अलार्म और गाड़ी बिल्कुल किसी वाहन के सामने आने पर रेड सिग्नल अलार्म बजेगा, बस में अपने आप इमरजेंसी ब्रेक भी लग जाएगा. साथ ही स्टेरिंग के पास ही एक सेंसर लगा हुआ है जो हर 1 किलोमीटर पर वाइब्रेट होता रहेगा और जब तक ड्राइवर इस पर अपना हाथ नहीं रखेगा तब ताकि वाइब्रेट होने के साथ ही साथ अलार्म बजाता रहेगा. इस तरह ड्राइवर भी बिना चूके गाड़ी चलाता रहेगा.



लंबे रूट की गाड़ियों में 2 ड्राइवरों की व्यवस्था
हादसे के बाद हर लंबे रूट की गाड़ी पर दो ड्राइवरों को तैनात किया जा रहा है. दोनों ड्राइवर एक दूसरे से तय करके किलोमीटर पर बदलते रहेंगे इस तरह दोनों अपनी नींदों को भी पूरा कर लेंगे और सकुशल गाड़ी चला पाएंगे. परिवहन विभाग का प्रयोग सफल रहा तो आने वाले वक्त में सभी बसों में इस तरह का डिवाइस लगाया जाएगा.

(लखनऊ से मो. शबाब)

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