Home /News /uttar-pradesh /

लखनऊ में बेसहारा बच्चों का सहारा बन जीने की राह दिखा रही है यह संस्था

लखनऊ में बेसहारा बच्चों का सहारा बन जीने की राह दिखा रही है यह संस्था

X

लखनऊ में दृष्टि सामाजिक संस्थान की शुरुआत वर्ष 1990 में संस्थापक नीता बहादुर ने की थी. जो दिव्यांग handicapped बेसहारा बच्चों children के लिए सहारा ब?

    भले ही सरकार द्वारा आम जनता को सभी सुविधाएं देने के लिए अनेकों प्रयास किए जा रहे हों लेकिन उसके बाद आज भी ऐसा हाल देखने को मिलता है.जहां बच्चे या तो शिक्षा से वंचित रह जाते हैं या फिर फुटपाथ पर पेट भरने के लिए भीख मांगते हुए मिलते हैं. जिससे वह अपने पेट को भर सकें.लेकिन आज हम आपको एक ऐसी संस्था के बारे में बताएंगे जो ऐसे ही बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए लगी हुई है. लखनऊ की दृष्टि सामाजिक संस्थान द्वारा एक पहल कई वर्षों पहले शुरू की गयी थी.जो दिव्यांग handicapped बेसहारा बच्चों children के लिए सहारा बनी हुई है.

    आश्रम चलाकर सुधार रहे बच्चों का भविष्य
    दृष्टि सामाजिक संस्थान के पदाधिकारी धीरेश कुमार ने न्यूज़-18 लोकल की टीम से खास बातचीत करते हुए बताया कि वर्ष 1990 में दृष्टि सामाजिक संस्थान की संस्थापक नीता भारती ने की थी.जिन बच्चों का कोई सहारा नहीं होता उन बच्चों के भविष्य को संवार सकें. तब से लेकर अब तक 4000 से अधिक दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए संस्था के पदाधिकारी लगे हुए हैं.लखनऊ के आसपास के 60 गांव के 300 बच्चों को स्कूल में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं.बताते चलें कि संस्थान द्वारा 60 गांव के लगभग 300 बच्चों को जो कि दिव्यांग है. उनके रहने और स्कूल में पढ़ने के लिए व्यवस्था करती है. साथ ही जिनका कोई सहारा नहीं है उनको छत उपलब्ध करा रहे हैं.साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दे रहे हैं.जिससे भविष्य में कभी भी किसी के सहारे के लिए इन्हें मजबूर न होना पड़े.

    लखनऊ से प्रियंका यादव की रिपोर्ट.

    Tags: Lucknow city, Lucknow news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर