कोरोना में हमें भी सेवा करने का मौका दे दो! यूपी के हजारों फार्मासिस्ट लगा रहे हैं गुहार

उत्तर प्रदेश के हज़ारों फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं देने के लिए गुहार लगा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के हज़ारों फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं देने के लिए गुहार लगा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बैचलर ऑफ फार्मेसी और मॉस्टर ऑफ फार्मेसी कर चुके लोगों के संगठन फार्मासिस्ट सेवा संस्थान की ओर से बताया गया है कि बीमारी के इस कठिन समय में मेडिकल सेवाएं देने के लिए उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों से मांग की है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिल सका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2020, 6:58 PM IST
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नई दिल्ली. महामारी बन चुके कोरोना( covid-19) को लेकर जहां विश्व भर में मेडिकल सेवाओं (Medical sevices) से जुड़े लोग दिन रात काम कर रहे हैं वहीं उत्तर प्रदेश के हज़ारों फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं देने के लिए गुहार लगा रहे हैं. यूपी में बैचलर ऑफ फार्मेसी और मॉस्टर ऑफ फार्मेसी कर चुके लोगों के संगठन फार्मासिस्ट सेवा संस्थान की ओर से बताया गया कि बीमारी के इस कठिन समय में मेडिकल सेवाएं देने के लिए उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों से मांग की है लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिल सका है.

एक लाख पंजीकृत फार्मासिस्ट कर रहे यह मांग

संस्थान की ओर से कहा गया कि इस आपदा के दौर में जहां दवाओं की किल्लत हो रही है साथ ही अप्रशिक्षित लोग दवाएं बेच रहे हैं. ऐसे में करीब एक लाख पंजीकृत फार्मासिस्टों को काम पर क्यों नहीं लगाया जा रहा है.

फार्मासिस्टों को भर्ती करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी है आदेश
फार्मासिस्ट सेवा संस्थान के अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 1997 में दिए आदेशानुसार नियुक्तियों के लिए यूपी के करीब एक लाख फार्मासिस्ट जून 2018 से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. लेकिन 2020 फरवरी तक इस सम्बंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब मार्च में भारत में कोरोना वायरस फैलने लगा तो एक बार फिर फार्मासिस्टों ने यूपी सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखा. इतना ही नहीं 16मार्च को दिल्ली में केंद्र सरकार में अंडर सेक्रेटरी के सामने भी इस मांग को रखा गया और उन्होंने भी सिर्फ आश्वासन देकर छोड़ दिया.



कोरोना वॉलेंटियर भी बनाने की मांग की गई थी

पंकज बताते हैं कि कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से वॉलेंटियर तक बनाने की मांग की. इसके लिए कई बार ज्ञापन सौंपे गए. साथ ही सन्त कबीर नगर के सांसद प्रवीण कुमार निषाद के आगे भी प्रस्ताव रखा. जिसे उन्होंने आगे बढ़ाने की बात कही.

प्रदेश की 23 करोड़ जनता को मिल सकता है लाभ

फार्मासिस्ट और संस्थान के मंडल अध्यक्ष राहुल राय का कहना है कि प्रदेश में 23 करोड़ आबादी है. अगर सरकार स्थाई नियुक्ति नहीं दे सकती तो कम से कम फौरी तौर पर ही फार्मासिस्टों को नियुक्त कर दे. ताकि लोगों को राहत मिल सके.

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