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UP: सीएम योगी के शिकंजे से आफत में माफिया, 25 से ज्यादा बड़े गुंडे-बदमाश सलाखों के पीछे

सीएम योगी आदित्यनाथ.

सीएम योगी आदित्यनाथ.

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अब तक माफिया की एक हजार करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति पर बुलडोजर चला चुकी है. माफिया, उनके परिजनों और सहयोगियों के 180 से ज्यादा शस्त्र लाईसेंस निरस्त किए गए हैं. वहीं गैंगेस्टर एक्ट के तहत 534 अभियुक्तों पर रासुका लगा है.

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लखनऊ. 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर. जिसका परिणाम यह हुआ कि यूपी पुलिस माफिया और कुख्यात अपराधियों पर कहर बनकर टूट पड़ी. पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं, बल्कि प्रदेश के ऐसे 25 बड़े माफिया को चिह्नित किया, जिनके नाम से लोगों में दहशत थी और उनका ‘सिक्का’ हर सरकार में चलता था. पुलिस ने उनके गैंग के अन्य अपराधियों और सहयोगियों को भी नेस्तनाबूद कर दिया.

सीएम योगी के स्पष्ट निर्देश के कारण यूपी पुलिस के खौफ से माफिया सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं. पुलिस ने प्रदेश में 25 से ज्यादा माफिया को चिह्नित कर कार्यवाही शुरू की थी. पुलिस चिह्नित माफिया के खिलाफ दर्ज मुकदमो में तेजी से न सिर्फ कार्यवाही कर रही है, बल्कि सरकार की ओर से तगड़ी पैरवी भी कर रही है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके. इसी कड़ी में कोर्ट ने माफिया आकाश जाट को दो मुकदमो में अलग-अलग तीन और सात साल की सजा भी सुनाई है. जबकि उसके गैंग के सहयोगी अमित भूरा को भी दोनों मुकदमो में तीन साल और एक साल की सजा दी गई है.



माफिया से ही वसूला जा रहा हर्जाना
योगी सरकार में पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत 25 से ज्यादा माफिया की आपराधिक कृत्य से बनाई गई एक हजार करोड़ से अधिक की चल-अचल अवैध सम्पत्तियों को जब्त किया है. अवैध संपत्तियों को ढहाने और कब्जा खाली कराने का खर्च भी अपराधियों और माफिया से वसूला जा रहा है. इनमें माफिया के सहयोगियों की आपराधिक कार्यों से जुटाई गई सम्पत्तियों की कीमत करीब 537 करोड़ रुपए से अधिक है. इतना ही नहीं, माफिया, उनके परिजनों और सहयोगियों के करीब 190 से अधिक शस्त्र लाईसेंस निरस्त किए गए हैं. पिछले साल दिसंबर तक गैंगेस्टर एक्ट में करीब 11,930 मुकदमे दर्ज कर 3699 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इसके अलावा 534 अभियुक्तों के खिलाफ रासुका लगाई गई है.

माफिया का बदला ठौर-ठिकाना, नया पता जेल

गाजीपुर जिले के युसूफपुर मोहम्दाबाद निवासी मुख्तार अंसारी बांदा जेल, प्रयागराज जिले के खुल्दाबाद निवासी अतीक अहमद सेंट्रल जेल साबरमती गुजरात, वाराणसी जिले के चौबेपुर निवासी बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह वाराणसी जेल, लखनऊ जिले के हसनगंज निवासी ओमप्रकाश उर्फ बब्लू श्रीवास्तव बरेली जेल, बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र निवासी मुनीर मंडोली जेल दिल्ली, अंबेडकरनगर जिले के हंसवार थानाक्षेत्र निवासी खान मुबारक हरदोई जेल, गाजियाबाद जिले के लोनी निवासी अमित कसाना दिल्ली जेल, शामली जिले के आदर्श मंडी निवासी आकाश जाट गाजियाबाद जेल, मेरठ जिले के सरूरपुर निवासी उधम सिंह आजमगढ़ जेल, मेरठ जिले के सरूरपुर निवासी योगेश भदौड़ा सिद्धार्थनगर जेल, बागपत जिले के बड़ौत निवासी अजीत उर्फ हप्पू बरेली जेल, मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुर निवासी सुशील उर्फ मूंछ कानपुर जेल में बंद हैं.

वहीं मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली निवासी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा लखनऊ जेल, गौतमबुद्धनगर जिले के कासना निवासी सुन्दर भाटी उर्फ नेताजी हमीरपुर जेल, गौतमबुद्धनगर जिले के बादलपुर निवासी अनिल दुजाना उर्फ अनिल नागर गौतमबुद्धनगर जेल, गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर निवासी सिंघराज भाटी गोरखपुर जेल, गौतमबुद्धनगर जिले के जारचा निवासी अंकित गुर्जर महराजगंज जेल, वाराणसी जिले के कोतवाली निवासी सुभाष सिंह ठाकुर फतेहपुर जेल, आजमगढ़ जिले के जीयनपुर निवासी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह बलिया जेल, गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद उमेश राय उर्फ गौरा राय रामपुर जेल, गाजीपुर जिले के सैदपुर निवासी त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन कुमार मीरजापुर जेल, लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. सलीम फतेहगढ़ जेल, लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. सोहराब फतेहगढ़ जेल और लखनऊ जिले के कैंट निवासी मो. रुस्तम कानपुर जेल में बंद हैं.

इन पर भी कसा शिकंजा
माफिया के खिलाफ शुरू हुई कार्यवाही में अवैध बूचड़खाना और स्लाटर हाउस के ध्वस्तीकरण, पार्किंग ठेके की आड़ में अवैध वसूली पर लगाम, अवैध मछली कारोबार, सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से अवमुक्त कराने के सघन प्रयास, अपराधी शूटरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही, ठेकेदार माफिया के खिलाफ कार्यवाही, कोयला कारोबार से अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्ति के जब्तीकरण आदि की कार्यवाहियां प्रमुख हैं.
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