UP में बच्चा चोरी की अफवाह को रोकने के लिए 3 लाख वालंटियर्स कर रहे पुलिस की मदद

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 30, 2019, 11:37 AM IST
UP में बच्चा चोरी की अफवाह को रोकने के लिए 3 लाख वालंटियर्स कर रहे पुलिस की मदद
बच्चा चोरी की अफवाह रोकने के लिए पुलिस ले रही वालंटियर्स की मदद

गौरतलब है कि पिछले एक महीने में यूपी के 22 से ज्यादा जिलों में भीड़ हिंसा के करीब 100 से ज्यादा मामला सामने आ चुके हैं, जिनमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों घायल हैं.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के तमाम जिलों में बच्चा चोरी (Child Lifting Rumours) के अफवाह में उन्मादी भीड़ की हिंसा (Mob Violence) को रोकने के लिए पुलिस (Police) भी तमाम तरह के कदम उठा रही है. बेकाबू भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए तीन लाख से ज्यादा वालंटियर्स (Social Volunteers)  यूपी पुलिस (UP POlice) की मदद कर रह रहें. ये वालंटियर्स व्हाट्सएप से लेकर तमाम सोशल मीडिया पर फैली फेक न्यूज़ की जानकारी पुलिस को मुहैया कराने में जुटे हैं.

गौरतलब है कि पिछले एक महीने में यूपी के 22 से ज्यादा जिलों में भीड़ हिंसा के करीब 100 से ज्यादा मामला सामने आ चुके हैं, जिनमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों घायल हैं. भीड़ हिंसा की वारदातों से पुलिस भी बैकफुट पर है. आरोपियों पर रासुका लगाने के साथ ही 15 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का आदेश डीजीपी ने दिया है. इसके अलावा पुलिस को अस्पताल, रेलवे व बस स्टेशन और बड़े बाजार में ग्रुप पेट्रोलिंग के भी निर्देश दिए हैं.

तीन लाख वालंटियर्स कर रहे मदद

न्यूज18 से बातचीत में आईजे लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि यूपी पुलिस की सोशल मीडिया टीम 24 घंटे भ्रमित करने वाले संदेश और अफवाहों की निगरानी कर रही है. प्रथम दृष्टया में यह किसी साजिश के तहत होता नहीं दिख रहा है. चूंकि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के स्रोतों की जांच कठिन है लिहाजा हम प्रदेश के तीन लाख से ज्यादा वालंटियर्स की मदद ले रहे हैं. उनसे कहा गया है कि वे जिस ग्रुप में भी जुड़े हैं उसमे फेक वीडियो के बारे में बताएं.

उन्होंने बताया कि वालंटियर्स का चयन साइबर सेल के माध्यम से किया गया है और वे समाज के सभी वर्गों से लिए गए हैं. इसके अलावा पुलिस ने भी कुछ कदम उठाए हैं. अभी तक भीड़ हिंसा और अफवाह के मामले में 106 को गिरफ्तार किया जा चुका है.

विदेशों के वीडियो को बताया जा रहा इंडिया का

साइबर सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बच्चा चोरी और ह्यूमन ट्रेफिकिंग के वीडियोज विदेशों के हैं. उन्होंने बताया कि बच्चा चोरी की अफवाह प्रदेश में पहली बार नहीं फैला है. लेकिन इस बार जिस तरह से भीड़ उनम्दी हुई है वह परेशान करने वाली है. उन्होंने बताया कि विदेशों के वीडियो को भारत का बताकर अफवाह फैलाई जा रही है.

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First published: August 30, 2019, 11:37 AM IST
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