लाइव टीवी

देश की मजबूती के लिए किसान व सीमा पर तैनात जवान को करना होगा सशक्त: ओम बिरला

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 17, 2020, 9:55 PM IST
देश की मजबूती के लिए किसान व सीमा पर तैनात जवान को करना होगा सशक्त: ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला व यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों को भेंट की ट्रैक्टर की चाबी

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने कहा कि ‘भारत का दिल गांव में बसता है और जब तक हम गांव के गरीब किसान, मजदूर और नौजवान को मजबूत नही करेंगे, तब तक भारत की समृद्धि नहीं हो सकती.

  • Share this:
लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) स्थित लोकभवन में शुक्रवार को प्रगतिशील किसान सम्मेलन का शुभारंभ देश के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला और सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया. इस दौरान पांच कृषि विज्ञान केन्द्रों का शिलान्यास कर प्रगतिशील किसानों को 60-60 लाख के अनुमोदन प्रमाण पत्र के साथ पहली किश्त के रूप मे 18 लाख का चेक भी दिया गया. कुछ किसानों को ट्रैक्टर की चाभी देकर भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speakee Om Birla) ने देश को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले इस देश के किसानों और सीमा पर तैनात जवानों को मजबूत बनाए जाने की बात कही.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को करना होगा सुदृढ़
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ‘भारत का दिल गांव में बसता है और जब तक हम गांव के गरीब किसान, मजदूर और नौजवान को मजबूत नही करेंगे, तब तक भारत की समृद्धि नहीं हो सकती.' ओम बिरला ने आगे बोलते हुए कहा कि ‘सर्वाधिक मानव संसाधन वाले कृषि क्षेत्र को विज्ञान और तकनीक से जोड़कर उत्पादन और किसानों की आय को दोगुना करना होगा. उत्तर प्रदेश की जमीन भी उपजाऊ है. पर्याप्त जल संसाधन भी हैं और जिस बुंदेलखंड में जल संसाधन नहीं थे, वहां भी पीने और सिंचाई का पानी पहुंचाकर बुंदेलखंड के लोगों का पलायन रोकने के लिये सीएम योगी ने व्यापक प्रयास किया है. जापान (Japan) के लोगों को दुनिया में सबसे ज्यादा भारत के आम पसंद हैं और भारत का आम पसंद होगा तो उत्तर प्रदेश का नाम जरूर आयेगा.'

जलवायु परिवर्तन पर बोलते हुए उन्होंने पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि 'कृषि में चाहे जितनी मेहनत करें, लेकिन विश्व में जलवायु परिवर्तन के चलते बाढ़ और सूखा जैसी प्रकृतिक आपदाओं के चलते किसानों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है. जिससे निपटने के लिए मत्स्य, मधुमक्खी, रेशम कीट पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर खाद्य प्रसंस्करण ईकाईयों को वैल्यू एडिशन की ओर काम करना होगा.’

ये भी पढ़ें- Sheroes Cafe की तर्ज पर वाराणसी में खुलेगा एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए 'The Orange Cafe'


यूपी सरकार के कार्यक्रम में विवाद: कत्थक डांसर मंजरी को कव्वाली पर डांस करने से रोका गया

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 17, 2020, 9:40 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर