वाणिज्य कर विभाग में 300 अधिकारियों का ट्रांसफर जल्द, CM योगी के अप्रूवल का इंतजार
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वाणिज्य कर विभाग में 300 अधिकारियों का ट्रांसफर जल्द, CM योगी के अप्रूवल का इंतजार
ट्रांसफर की खबर से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा (Alok Sinha) का कहना है कि तबादला सूची (Transfer list) की अप्रूवल फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज दी गई है. अप्रूवल मिलने के बाद ही तबादला सूची जारी की जाएगी. 

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लखनऊ. वाणिज्य कर विभाग (Commercial tax department) के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है. खासकर उनमें जो सचल दल में शामिल हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि तबादले की तैयारी विभाग में शुरू हो गई है. मंगलवार को पूरे दिन व्यापार कर विभाग में ट्रांसफर (Transfer) की खबरें उड़ती रही. चर्चा यह रही कि सचल दल में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले होंगे. इन खबरों से सचल दल में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है. चिंता इस बात की कि तबादला होने पर कोरोना के इस संकट काल में उन्हें शहर बदलना पड़ेगा. पूरी गृहस्थी बदलनी पड़ेगी. यही सोच कर सचल दल में तैनात अधिकारी और कर्मचारी दुबले हुए जा रहे हैं.

बता दें कि सचल दल में शामिल उन दोनों तरह के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले होंगे जो या तो पिछले 1 साल से तैनात हैं या एक ही जगह जिनकी तैनाती को 2 से 3 साल हो साल हो गए हैं. मोबाइल स्क्वाड में तैनाती काफी अच्छी मानी जाती है. लिहाजा अफसरों को सिर्फ 1 साल ही तैनाती मिलती है. इस साल कोविड महामारी में तबादला सत्र शून्य कर दिया गया था और किसी भी अधिकारी कर्मचारी का विभाग में तबादला नहीं हुआ था.

सरकार की बढ़ सकती है परेशानी



तबादला किए जाने से न सिर्फ अधिकारियों और कर्मचारियों बल्कि सरकार को भी खासी परेशानी उठानी पड़ेगी. बता दें कि सचल दल में लगभग डेढ़ सौ अधिकारी हैं. अगर इनके तबादले किए जाते हैं तो कम से कम 50 कर्मचारियों के जिले बदल जाएंगे. इन अफसरों को अपनी पूरी गृहस्ती दूसरे शहर में तो शिफ्ट करनी ही पड़ेगी, सरकार पर भारी आर्थिक बोझ भी आएगा. तबादले के बाद इसका पूरा खर्चा सरकार वहन करती है. इस समय जबकि एक-एक पैसा बचाया जा रहा है यह खर्च सरकारी खजाने पर भारी पड़ेगा.
इस मामले पर न्यूज़ 18 से राज्य कर के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि " तबादला सूची के अप्रूवल के लिए फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई है. अप्रूवल के बाद तबादला सूची जारी कर दी जाएगी. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल होंगे जो पिछले 1 साल से या 2-3 सालों से मोबाइल स्क्वाड में तैनात हैं. पहले मंशा यह थी कि मोबाइल स्क्वाड में 2 साल के लिए अफसरों को तैनाती दी जाए, लेकिन प्रयोग के तौर पर इसे बहुत बेहतर नहीं पाया गया. इसलिए 1 साल में ही तबादले की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी. तबादला सूची तैयार करते समय इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि ज्यादातर अधिकारियों को उन्हीं के जिले में एडजस्ट किया जाए जिससे लोगों को शहर बदलने की समस्या से न जूझना पड़े."

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विभाग में चल रही कई बातें

हालांकि तबादले से एक अलग तरीके की समस्या से विभागीय अधिकारियों को जूझना पड़ेगा. वाणिज्य कर के अफसरों में ये बात चल रही है कि विभाग में प्रमोशन ड्यू है. डीपीसी कभी भी हो जाएगी. असिस्टेंट कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर में और डिप्टी कमिश्नर ज्वाइंट कमिश्नर में प्रमोट होने हैं. जैसे ही डीपीसी होगी वैसे फिर से तबादले किए जाएंगे. ऐसे में बहुत कम अंतराल में 2-2 तबादले झेलने पड़ेंगे. दबी जुबान में ये भी पूछा जा रहा है कि तबादले सिर्फ असिस्टेंट कमिश्नर के ही क्यों ? डिप्टी कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर भी तो लंबे समय से अपने पदों पर जमे हैं. एक जगह पर उनकी तैनाती की समय सीमा भी तमाम जिलों में समाप्त हो गई है. ऐसे में उनके तबादले की बात क्यों नहीं हो रही है? बता दें कि मोबाइल स्क्वाड में तबादले से जहां इस स्क्वाड में जमे अफसरों की नींद उड़ी हुई है, वहीं दूसरी और विभाग के दूसरे अफसरों को इस बात की उम्मीद जगी है कि उन्हें सचल दल में काम करने का अवसर प्राप्त होगा. इस तरह एक तरफ उलझन तो दूसरी तरफ उम्मीद है.
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