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IRCTC की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस में छंटनी, निकाले गए डेढ़ दर्जन कर्मचारी

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 28, 2019, 4:01 PM IST
IRCTC की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस में छंटनी, निकाले गए डेढ़ दर्जन कर्मचारी
एक महीने में ही तेजस से निकाले गए दर्जन भर कर्मचारी

केबिन क्रू और अटैंडेंट के तौर पर 40 से अधिक लड़के-लड़कियों की नौकरी दी थी. लेकिन, एक महीने के भीतर ही 20 से ज्यादा कर्मचारियों को हटा दिया गया.

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लखनऊ. लखनऊ (Lucknow) से शुरू हुई देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस (Corporate Train Tejas Express) अपने रंग रूप, स्पीड समेत तमाम खासियतों के लिए खूब चर्चा में रही, लेकिन इसी ट्रेन में काम करने वाले 20 कर्मचारियों (Employees) को बिना कोई नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया. इस ट्रेन के रखरखाव करने वाले आईआरटीएस और उससे जुड़े तमाम संस्थानों पर सवाल खड़े कर रहा है. इन कर्मचारियों से जब बात की गई तो इन कर्मचारियों का दर्द फूट पड़ा. उन्होंने कहा बिना बताए हम लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया. कोई भी अधिकारी ये बताने को तैयार नही हो रहा है कि इन लोगों को क्यों निकाला गया.

आपको याद होगा कि 4 अक्टूबर से तेजस ट्रेन लखनऊ से दिल्ली के बीच चलना शुरू हुई थी. इसका परिचालन आईआरसीटीसी कर रहा है, लेकिन हास्पिटैलिटी की जिम्मेदारी वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स (आरके एसोसिएस)’ को दी गई थी..ये प्राइवेट कॉन्ट्रेक्टर के तौर पर आईआरसीटीसी के साथ जुड़ा था. इस फर्म ने केबिन क्रू और अटैंडेंट के तौर पर 40 से अधिक लड़के-लड़कियों को नौकरी दी थी. लेकिन, एक महीने के भीतर ही 20 से ज्यादा कर्मचारियों को हटा दिया गया. जिनमें लगभग एक दर्जन लड़कियां हैं. वहीं कई दिनों तक इंतजार कराने के बाद इन्हें सैलरी तो दी, लेकिन दोबारा काम पर नहीं रखा. तेजस के जरिए हास्पिटैलिटी की फील्ड में सुनहरा भविष्य तलाश रहे इन कर्मचारियों के लिए अब वक्त अंधेरे में गुम हो गया है.

फर्म ने कहा दूसरी ट्रेन चलने तक हटाया

हालांकि वृंदावन फूड से जुड़े लोगों का कहना है कि इन लोगं को नौकरी से हटाया नही गया है. बल्कि जब दूसरी तेजस ट्रेन चलेगी तो इन्हे रखा जाएगा. लेकिन वो नई ट्रेन कब चलेगी ये किसी को नही पता. असल में दीपावली के मौके पर तेजस में बोगियो को बढ़ाया गया था.. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सफर कर सकें इसलिए कर्मचारियों को भी रखा गया था. लेकिन जैसे ही त्योहारी सीजन खत्म हुआ यात्रियों की संख्या भी कम हो गई. जिसके बाद अतिरिक्त बोगियों को भी हटा दिया गया और इन कर्मचारियों की भी नौकरी समाप्त कर दी गई. इन कर्मचारियों की ये भी शिकायत है कि रोज इनसे 18 घंटे की ड्यूटी ली गई. इस बीच रेस्ट रूम में उन्हें आराम भी नहीं करने दिया जाता था.

कर्मचारियों का ये है आरोप

तेजस में मैनेजर के तौर पर रहीं अवंतिका वाजपेयी ने बताया कि तेजस की शुरुआत से ही वह वहां काम कर रही थीं, उनके अंतर्गत एक दर्जन से ज्यादा केबिन क्रू मेंबर्स काम कर रही थीं. अधिकतर को उनके साथ दिवाली के बाद हटा दिया गया. जब उन्होंने हटाए जाने का कारण पूछा तो ख़राब परफॉरमेंस बताया गया. अवंतिका का कहना है वे सब प्रोबेशन पीरियड पर थे, लेकिन जो ऑफर लेटर उन्हें वृंदावन फूड्स से मिला था उसमें एक महीने के नोटिस की बात कही गई थी..

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First published: November 28, 2019, 3:51 PM IST
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