• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • Narendra Giri Death Case: दो साल पहले भी निरंजनी अखाड़े में हुई थी संत की संदिग्ध मौत, CBI जांच की उठी थी मांग

Narendra Giri Death Case: दो साल पहले भी निरंजनी अखाड़े में हुई थी संत की संदिग्ध मौत, CBI जांच की उठी थी मांग

निरंजनी अखाड़े में दो साल पहले भी एक संत की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था. -  नरेंद्र गिरी का फाइल फोटो

निरंजनी अखाड़े में दो साल पहले भी एक संत की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था. - नरेंद्र गिरी का फाइल फोटो

Niranjani Akhara Death Case: महंत नरेंद्र गिरी की मौत के आद निरंजनी अखाड़े में दो साल पहले हुई एक संत की संदिग्ध मौत की याद ताजा हो गई है. संत का शव उनके कमरे में मिला था. उन्हें गोली लगी थी. तब सीबीआई जांच की मांग उठी थी.

  • Share this:

लखनऊ. निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. पुलिस ने अभी तक की जांच के आधार पर इसे आत्महत्या करार दिया है, लेकिन पिछले कुछ सालों से निरंजनी अखाड़े के ऐसे ही हालात रहे हैं. दो साल पहले नवम्बर के महीने में भी अखाड़े के एक संत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. संत का शव उनके कमरे में मिला था. उन्हें गोली लगी थी. उनकी हथेली में पिस्टल फंसी थी और पास में ही खोखे बरामद किये गये थे.

नरेंद्र गिरी की मौत के साथ ही लोगों को दो साल पहले हुए निरंजनी अखाड़े के संत आशीष गिरी की मौत की याद ताजा हो गई है. आशीष गिरी का शव निरंजनी अखाड़े में ही 17 नवम्बर 2019 को बरामद हुआ था. उनकी मौत को लेकर तब नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद ने कई गंभीर सवाल भी खड़े किये थे. तब आनंद गिरी ने कहा था कि जमीनी विवाद को लेकर आशीष ​गिरी की हत्या की गई है. इसकी जांच सीबीआई से करने की भी मांग की गई थी. चौकाने वाली बात ये है कि आशीष गिरी की लाश बरामद होने के कई दिनों बाद तक इस मामले में कोई मुकदमा प्रयागराज में दर्ज नहीं किया गया था.

आनंद गिरी और गिरी के बीच रिश्ते पिछले कुछ सालों से तल्ख रहे हैं. आनंद गिरी दिवंगत नरेंद्र गिरी के शिष्य थे. दोनों के बीच तल्खी तब चरम पर पहुंच गई थी. तब आनंद गिरी को अखाड़े से निकाल दिया था. अभी हाल में ही आनंद गिरी ने नरेंद्र गिरी से पैर छूकर माफी मांगी थी, जिसके बाद उन्हें माफ कर दिया गया था. अब सुसाइड नोट सामने आया है उसमें नरेंद्र गिरी ने आनंद गिरी को ही मौत का जिम्मेदार ठहराया है. बता दें कि निरंजनी अखाड़े के पास प्रयागराज जिले में बहुत जमीनें हैं. जमीनों की बिक्री को लेकर अकसर अखाड़े में विवाद के सुर उठते रहे हैं.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज