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लखनऊ रैली में विपक्ष पर गरजे गृहमंत्री अमित शाह, बोले- जिसे विरोध करना है करे, CAA नहीं होगा वापस
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 21, 2020, 4:17 PM IST
लखनऊ रैली में विपक्ष पर गरजे गृहमंत्री अमित शाह, बोले- जिसे विरोध करना है करे, CAA नहीं होगा वापस
लखनऊ की रैली में विपक्ष पर गरजे गृह मंत्री अमित शाह.

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि CAA पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार और भ्रम फैला रही हैं, इसीलिए बीजेपी (BJP) जन जागरण अभियान चला रही है, जो देश को तोड़ने वालों के खिलाफ जन जागृति का अभियान है.

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लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के समर्थन में आयोजित जनजागरण रैली को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस (Congress), समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बसपा (BSP) पर जमकर निशाना साधा. मंगलवार को लखनऊ (Lucknow) के रामकथा पार्क में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जिसे जितना विरोध करना है करे, लेकिन सीएए (CAA) वापस नहीं होगा. उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे बताएं कि नागरिकता संशोधन कानून में कहां किसी की नागरिकता लेने की बात लिखी है. सिर्फ वोटबैंक की सियासत के लिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है.

सीएए पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार और भ्रम फैला रही
अमित शाह ने कहा कि सीएए पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार और भ्रम फैला रही हैं, इसीलिए बीजेपी जन जागरण अभियान चला रही है, जो देश को तोड़ने वालों के खिलाफ जन जागृति का अभियान है. उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी जी सीएए लेकर आए हैं. कांग्रेस, ममता बनर्जी, अखिलेश, मायावती, केजरीवाल सभी इस बिल के खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं. इस बिल को लोकसभा में मैंने पेश किया है. मैं विपक्षियों से कहना चाहता हूं कि आप इस बिल पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर लो. ये अगर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ले सकता है, तो उसे साबित करके दिखाओ. देश में सीएए के खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है, दंगे कराए जा रहे हैं. सीएए में कहीं पर भी किसी की नागरिकता लेने का कोई प्रावधान नहीं है, इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है.'

कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत मां के दो टुकड़े हो गए



गृहमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों पर वहां अत्याचार हुए, वहां उनके धार्मिक स्थल तोड़े जाते हैं. वो लोग वहां से भारत आए हैं. ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता देने का ये बिल है. जब देश आजाद हुआ, कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत मां के दो टुकड़े हो गए. 16 जुलाई 1947 को कांग्रेस पार्टी ने प्रस्ताव पास करके धर्म के आधार पर विभाजन को स्वीकार किया. नरेंद्र मोदी जी ने वर्षों से प्रताड़ित लोगों को उनके जीवन का नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है."

जिसको विरोध करना है करे, सीएए वापस नहीं होने वाला
अमित शाह ने कहा, "मैं वोटबैंक के लोभी नेताओं को कहना चाहता हूं, आप इनके कैंप में जाइए, कल तक जो सौ-सौ हेक्टेयर के मालिक थे वे आज एक छोटी सी झोपड़ी में परिवार के साथ भीख मांगकर गुजारा कर रहे. कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत के दो टुकड़े हुए. पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की संख्या कम होती रही. आखिर कहां गए ये लोग? कुछ लोग मार दिए गए, कुछ का जबरन धर्म परिवर्तन किया गया. मैं आज डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, सीएए वापस नहीं होने वाला है."

अमित शाह ने आगे कहा, "महात्मा गांधी जी ने 1947 में कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू, सिख भारत आ सकते हैं. उन्हें नागरिकता देना, गौरव देना, भारत सरकार का कर्तव्य होना चाहिए. नेहरू जी ने कहा था कि केंद्रीय राहत कोष का उपयोग शरणार्थियों को राहत देने के लिए करना चाहिए. इनको नागरिकता देने के लिए जो जरूरी हो वो करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया."

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First published: January 21, 2020, 2:21 PM IST
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