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    UP: साढ़े 3 साल की योगी सरकार में अब तक 6 IAS और 14 IPS अफसर हुए निलंबित

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

    जितेन्द्र बहादुर सिंह (Jitendra Bahadur Singh) को डीएम गोण्डा के पद पर रहते हुए इन्हें जून 2018 में निलंबित किया गया था. जिले में सरकारी अनाज की बंटरबाट का इनपर आरोप लगा था. 2005 बैच के IAS जितेन्द्र बहादुर फिलहाल PWD में विशेष सचिव हैं.

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    लखनऊ. वैसे तो राज्य सरकार के कर्मचारियों का निलंबन अकसर सुनने को मिलता है, लेकिन जब किसी आईएएस और आईपीएस अफसर (IAS And IPS Officer) को निलंबित किया जाता है तो इस बात की चर्चा लम्बे समय तक होती है. सरकारें अमूमन ऐसे ऐसे अफसरों को निलंबित (Suspended) करने में उतनी सहज नहीं होती हैं. लेकिन, योगी सरकार की बात जुदा है. मार्च 2017 में यूपी की सत्ता संभालने वाली योगी सरकार (Yogi Sarkar) ने इस मामले में जमकर एक्शन लिया है.

    यही वजह है कि बड़ी गलती पाये जाने पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाती है. मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक के योगी सरकार के कार्यकाल में 6 IAS, जबकि 14 IPS अफसरों को निलंबित किया जा चुका है.

    निलंबित किए 4 डीएम



    सबसे पहले बात करते हैं IAS अफसरों की. पिछले साढ़े साल में अभी तक 6 IAS अफसरों को योगी सरकार निलंबित कर चुकी है. इनमें से 4 तो डीएम के पद पर तैनात थे.
    1. जितेन्द्र बहादुर सिंह-  डीएम गोण्डा के पद पर रहते हुए इन्हें जून 2018 में निलंबित किया गया था. जिले में सरकारी अनाज की बंटरबाट का इनपर आरोप लगा था. 2005 बैच के IAS जितेन्द्र बहादुर फिलहाल PWD में विशेष सचिव हैं.
    2. कुमार प्रशांत - डीएम फतेहपुर रहते इन्हें जून 2018 में निलंबित किया गया था. इनपर सरकारी गेहूं खरीद में धांधली का आरोप था. 2010 बैच के IAS कुमार प्रशांत फिलहाल बदायूं के डीएम हैं.
    3. देवेन्द्र कुमार पांडेय - उन्नाव में डीएम रहते देवेन्द्र कुमार को इसी साल फरवरी में सस्पेंड किया गया था. 2011 बैच के IAS देवेन्द्र कुमार पर बेसिक शिक्षा विभाग में हुई खरीद में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे. फिलहाल निलम्बित ही चल रहे हैं और राजस्व परिषद से अटैच हैं.
    4. अमरनाथ उपाध्याय - डीएम महाराजगंज रहते इन्हें निलंबित किया गया था. 2011 बैच के IAS अमरनाथ पर डीएम रहते गौ संरक्षण केन्द्रों के बजट में धांधली के आरोप लगे थे. फिलहाल स्वतंत्रता सेनानी बोर्ड में विशेष सचिव हैं.
    5. केदारनाथ सिंह - 2012 में PCS से IAS बने केदारनाथ सिंह को योगी सरकार ने पिछले साल मई में सस्पेंड किया था. तब वे पर्यटन विभाग में विशेष सचिव थे. फिलहाल सस्पेंड चल रहे हैं और राजस्व परिषद से अटैच हैं.
    6. शारदा सिंह - चंबन्दी आयुक्त रहते इस IAS को योगी सरकार ने सस्पेंड किया था. आरोप ये था कि होने वाली भर्ती में इन्होंने ओबीसी कोटे से किसी की भर्ती नहीं की. अब रिटायर.

    लंबे समय बाद भी तैनाती न मिल सकी

    अब बारी IPS अफसरों के निलम्बन की. कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अभी तक 14 IPS अफसरों को निलंबित किया जा चुका है. खास बात तो ये है कि इनमें से कई निलम्बन के लम्बे समय बाद भी तैनाती पाने में सफल नहीं हो सके हैं.

    1. जसवीर सिंह - 1992 बैच के इस सीनियर IPS को सरकार ने पिछले साल निलंबित कर दिया था. सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के कारण इनपर कार्रवाई की गयी थी. निलम्बन के समय जसवीर सिंह ADG के पद पर तैनात थे. निलम्बन अभी तक वापस नहीं हो सका है.
    2. दिनेश चन्द्र दुबे - 2003 बैच के IPS दुबे DIG रैंक के हैं. पशुपालन घोटाले में नाम आने पर निलंबन. अभी तक तैनाती नहीं मिली है.
    3. अरविंद सेन - 2003 बैच के इस IPS को भी पशुपालन घोटाले में नाम आने पर सरकार ने निलंबित कर दिया था. DIG रैंक के ये अफसर तैनाती के लिए अभी भी तरस रहे हैं.
    4. वैभव कृष्णा - नोएडा के एसएसपी रहते इन्हें सस्पेंड किया गया था. एक महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो में पकड़े गये थे. 2010 बैच के वैभव को अभी तक तैनाती नहीं मिली है.
    5. अपर्णा गुप्ता - 2015 बैच की इस IPS को सरकार ने तब निलंबित कर दिया था जब कानपुर के संजीत यादव अपहरण कांड में इनका नाम सामने आया था. सस्पेंशन अभी भी जारी
    6. अभिषेक दीक्षित - 2006 के इस IPS को SSP प्रयागराज रहते निलंबित किया गया था. कानून व्यवस्था न संभाल पाने के कारण इनपर गाज गिरी थी. अभी तक तैनाती का इंतजार. तमिलनाडू कैडर के अभिषेक प्रतिनियुक्ति पर यूपी आये हैं.
    7. मानिकलाल पाटीदार - 2014 बैच के इस IPS अफसर को सरकार ने एसपी महोबा रहते हाल ही में निलंबित किया. मामला भ्रष्टाचार का है. जल्द तैनाती मिलनी मुश्किल.
    8. सुभाष चन्द्र दुबे - 2017 में सहारनपुर में हुए बवाल के बाद 2005 बैच के इस IPS को सस्पेंड कर दिया गया था. फिलहाल आजमगढ़ के डीआईजी हैं.
    9. डॉ. सतीश कुमार - बाराबंकी में एसपी रहते हुए इन्हें निलंबित किया गया था. 2013 बैच के इस IPS अफसर पर रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे. फिलहाल SP, SDRF हैं.
    10. एन कोलांची - बुलंदशहर में एसएसपी रहते इन्हें 2019 में निलंबित किया गया था. कोलांची पर थानाध्यक्षों के तबादले में अनियमितता के आरोप लगे थे. 2008 बैच के ये IPS फिलहाल पीएसी में एसपी हैं.
    11. अतुल शर्मा - प्रयागराज के एसएसपी रहते इन्हें निलंबित किया गया था. कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नाकामी और भ्रष्टाचार के आरोप थे. 2009 बैच के IPS अतुल फिलहाल PAC में SP हैं.
    12. आरएम भारद्वाज - 2018 में संभल में SP रहते इस IPS को तब निलंबित किया गया जब एक महिला को गैंगरैप के बाद जलाकर मार डाला गया था. 2005 बैच के इस IPS की पुलिस मुख्यालय में डीआईजी के पद पर तैनाती है.
    13. संतोष कुमार सिंह - 2009 बैच के इस IPS को प्रतापगढ़ में SP रहते सस्पेंड किया गया था. कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नाकामी के आरोप थे. फिलहाल SP बुलंदशहर हैं.
    14. हिमांशु कुमार - ये पहले IPS हैं जिन्हें योगी सरकार ने निलंबित किया था. एक ट्वीट के कारण इन्हें मार्च 2017 में सस्पेंड किया गया था. 2010 बैच के IPS हिमांशु इन दिनों PAC में SP हैं.
    इनमें से कई अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है. यहां तक कि योगी सरकार ने इनमें से कईयों की संपत्ति की जांच के भी आदेश दिये हैं.
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