UP: 69000 शिक्षकों की भर्ती ही नहीं, इन हजारों पदों पर होने वाली तैनाती भी वर्षों से है लटकी
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UP: 69000 शिक्षकों की भर्ती ही नहीं, इन हजारों पदों पर होने वाली तैनाती भी वर्षों से है लटकी
इच्छुक और योग्य आवेदक अंतिम तारीख या उससे पहले ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

Recruitment in UP: भर्तियों को लेकर लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और बेसिक शिक्षा परिषद की चाल बेहद सुस्‍त है.

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लखनऊ. प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती (UP Assistant Teachers Recruitment) का मामला फिर से लटक गया है. इसको लेकर जमकर राजनीति भी हो रही है, लेकिन इस भर्ती के साथ हजारों पदों पर होने वाली कई और भर्तियां भी वर्षों से रुकी हुई हैं. साल दर साल बीतते जा रहे हैं, लेकिन इसपर कोई बात नहीं हो रही है. कुछ भर्तियों की हालत तो ऐसी हो गयी है कि आवेदक खुद ही भूल गए हैं कि वे भी लाइन में हैं. हालांकि, ये भी सच है कि लॉकडाउन की वजह से भी भर्तियों की गति थमी है, लेकिन इसका असर आंशिक ही है.

भर्तियों को लेकर लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और बेसिक शिक्षा परिषद की जो चाल है उसे सुस्त ही कहा जा सकता है. आइये एक एक करके जानते हैं कि भर्तियों के मामले में ये संस्थान कैसे सौ दिन चले अढ़ाई कोस की रफ्तार पकड़े हुए हैं.

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज
क्या कोई परीक्षा 7 सालों से रुकी रह सकती है, नहीं न? लेकिन प्रयागराज स्थित चयन बोर्ड के नाम ये रिकॉर्ड कायम हुआ है. साल 2013 में हाई स्कूल और इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल के 634 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था. चयन के लिए आवेदकों की मेरिट के आधार पर इंटरव्यू होना था, लेकिन 2013 से देखते देखते 2020 आ गया. अभी भी रिजल्ट का इंतज़ार है. हाई स्कूल और इंटर कॉलेजों में 3721 टीचर्स की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पिछले साल हुई लेकिन अभी तक इंटरव्यू नहीं हो पाया है. विज्ञापन 2016 का है. साथ ही 4942 पदों के लिए तो फाइनल रिजल्ट भी आ गया है, लेकिन बोर्ड की तरफ से अभी तक स्कूलों का आवंटन नहीं हुआ है.



बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज


69 हजार शिक्षकों की भर्ती यहीं से हो रही है, जिसमें बार-बार रुकावट आ जा रही है. उर्दू शिक्षकों और अनुदेशकों के हजारों पदों पर 2017 से भर्ती का इंतज़ार है. इन भर्तियों के लिए विज्ञापन होना था, लेकिन 2017 में बदली योगी सरकार ने इसे रोक दिया. मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ
प्रदेश में बने इस आयोग से उम्मीद थी कि तेजी से भर्तियां होंगी लेकिन ये सपना ही रह गया. यहां भी हजारों पदों पर फाइनल रिजल्ट का इंतज़ार अभ्यर्थी महीनों से कर रहे हैं. 2016 में 550 पदों पर आयी लोअर 2 की भर्ती में सबकुछ हो गया है, लेकिन न जाने क्यों रिजल्ट नहीं घोषित किया जा रहा है. साल 2019 में रिजल्ट आना था. इसी तरह कृषि विभाग में तकनीकी सहायक, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पदों पर भी रिजल्ट का इंतज़ार है. बीस से ज्यादा ऐसी परीक्षाएं हैं जिनके शुरू हुए चार साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक मामला फाइनल नहीं हुआ.

लोक सेवा आयोग, प्रयागराज
राज्य की सबसे अहम ये भर्ती संस्था निर्विवादित थी, लेकिन इसके दामन भी दागदार हो गए. खैर जो हुआ उसकी जांच चल रही है. अब रफ्तार तो थोड़ी बढ़ी है. हालांकि, आयोग में भी ढेरों भर्तियां रुकी हैं जिनका इंतज़ार लाखों स्टूडेंट्स कर रहे हैं. यहां भी चार पांच सालों पहले शुरू हुई भर्ती अपनी मंज़िल तक पहुंच नहीं पाई है. सहायक अभियोजन अधिकारी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, उद्योग विभाग में सहायक प्रबंधक जैसे पदों पर अभी तक हो जाने वाली भर्ती रुकी हुई है. किसी में मेंस तो किसी मे इंटरव्यू बाकी है. इसके अलावा सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा 2019 की परीक्षा भी टल गई. इसके अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग में लेक्चरर के पदों पर होने वाली भर्ती पिछले पांच सालों में भी पूरी नहीं हो पाई है. उम्मीद की जा रही है कि जिस गति से अब काम हो रहा है उससे लंबित भर्तियां जल्द पूरी हो जाएंगी. लॉकडाउन की वजह से असर पड़ा है. आयोग जल्द ही नया कैलेंडर जारी करेगा. परीक्षार्थियों को बस थोड़ा सा धैर्य रखने की जरूरत है.

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