69000 शिक्षक भर्ती: अब सफल अभ्यर्थियों में शुरू नई जंग, ऐसे तय होगा गुणांक

अभ्यर्थी चाहते हैं कि जिस तरह से एलडीसी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन नियुक्ति दी जा रही है उसी तरह से इन्हें भी नियुक्ति दी जा सकती है.
अभ्यर्थी चाहते हैं कि जिस तरह से एलडीसी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन नियुक्ति दी जा रही है उसी तरह से इन्हें भी नियुक्ति दी जा सकती है.

69000 शिक्षकों की भर्ती (69000 Assistatnt Teachers Recruitment): चयन का पूरा दारोमदार गुणांक पर ही निर्भर है. सभी अभ्यर्थियों का गुणांक उनकी अब तक की मेरिट के अनुसार तय होगा. इसमें 10, 12वीं, स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण के अंक लिखित परीक्षा से जोड़े जाएंगे. ये ही चयन का अब मूल आधार बनेगा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) में 69000 शिक्षकों की भर्ती  (69000 Assistatnt Teachers Recruitment) का परिणाम आने के बाद ऑनलाइन आवेदन से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक की समय सारिणी जारी की जा चुकी है. चयन का पूरा दारोमदार गुणांक पर ही निर्भर है. सभी अभ्यर्थियों का गुणांक उनकी अब तक की मेरिट के अनुसार तय होगा. इसमें 10, 12वीं, स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण के अंक लिखित परीक्षा से जोड़े जाएंगे. ये ही चयन का अब मूल आधार बनेगा.

उधर परिणाम आने के बाद अब सफल अभ्यर्थियों में नई जंग शुरू हो गई है. अपने गुणांक व शिक्षामित्रों के भारांक को निकालने में न जाने कितने अभ्यर्थी रोज़ अपनी कलम घिस कर तोड़ रहे हैं, वहीं न जाने कितनी कॉपियों के पन्नों पर गुस्सा उतार रहे हैं.

बीएड और बीटीसी वाले लगा रहे एक-दूसरे पर आरोप



बीएड अभ्यर्थी पंकज वर्मा बताते हैं कि हमारे गुणांक तो मेहनत के हैं, वहीं बीटीसी वालों को एकेडमिक में ज्यादा नंबर मिलते हैं, वो रेस में हमसे आगे निकल रहे हैं. उधर बीटीसी की जागृति पांडेय बताती हैं कि बीएड वालों ने जिस तरह से सुपर टेट में बाज़ी मारकर परीक्षा में सम्मिलित हुए 2,62,231 अभ्यर्थियों में से  97,368 अभ्यर्थी पास हुए हैं. हम बीटीसी वाले परीक्षा में सम्मिलित हुए 90547 में से सिर्फ 38610 उत्तीर्ण हुए हैं.
अगर बीएड वालों को प्राथमिक विद्यालयों की परीक्षा से बाहर नही किया गया तो आने वाला समय हम बीटीसी वालों के लिए काफी दुखदायी होगा क्योंकि बीएड वाले ATRE (ASSISTANT TEACHER RECRUITMENT EXAMINATION) हो या प्राथमिक विद्यालय में भर्ती की अन्य प्रतियोगी परीक्षा, सभी में बाज़ी मार लेंगे. ऐसे में हमारा एकेडेमिक वाला मजबूत पक्ष धरा का धरा रह जाएगा.

कैसे तय होगा गुणांक, क्या है पूरी प्रक्रिया?

मान लेते हैं कि कोई भी अभ्यर्थी एकेडमिक में औसत अंक 60 प्रतिशत लाता है. उसके गुणांक का निर्धारण कुछ इस प्रकार होगा...

1- हाईस्कूल का % का गुणा 10/100 मतलब 60 गुणा 10/100=6

2- इंटर का % का गुणे 10/100 मतलब 60 गुणा 10/100=6

3- ग्रैजुएशन का % का गुणे 10/100 मतलब 60 गुणा 10/100=6

4- बीएड/बीटीसी/विशेष बीटीसी(SM) का % गुणा 10/100 मतलब 60 गुणा 10/100=6

यानि कुल गुणांक हुआ- 6+6+6+6=24

अब सुपर टेट में प्राप्त नम्बर का % का 60% (मान लें 90 नम्बर 150 अंको में  प्राप्त हुए)

90/150 X100=60

अब 60% जो अंक प्राप्त हुए हैं, इसका 60% लेना है, जो 36 नम्बर होता है.

तो फ़ाइनल गुणांक का जोड़ हुआ:

Academic= 24

Super tet = 36

कुल गुणांक= 24+36= 60

ये गुणांक आम अभ्यर्थी का हुआ.

teacher
अभ्यर्थी का चयन इसी आधार पर होगा.


दूसरी ओर योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को अनुभव व उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में 25 अंको का भारांक दिया है तो इस दशा में अब शिक्षामित्रों का भारांक (2.5 प्रति वर्ष) 10 साल का= 25 (जो अधिकतम है) तो अब शिक्षामित्रों का फ़ाइनल गुणांक=60+25=85 होता है. जो एकेडमिक व सुपर टेट के गुणांक के जोड़ में सरकार द्वारा मिले भारांक को जोड़ कर बनता है.

नोट- आम अभ्यर्थी बीएड/बीटीसी का फ़ाइनल गुणांक=60 ही रहेगा.

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