UP विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का एलान आज, जानिए कौन सी 8 सीटों पर होना है मुकाबला

मुख्य चुनाव आयुक्त आज विधानसभा उपचुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकते हैं.  (File Photo)
मुख्य चुनाव आयुक्त आज विधानसभा उपचुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकते हैं. (File Photo)

UP Assembly By Election: उत्तर प्रदेश की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, इनमें 6 भाजपा के पास जबकि 2 सपा के पास थीं. 5 सीटें मौजूदा विधायकों के निधन के कारण खाली हुई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 12:19 PM IST
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लखनऊ. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commissionn Of India) आज (मंगलवार) उत्तर प्रदेश में उपचुनावों की तारीखों का एलान कर सकता है. पिछले दिनों बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के दौरान इस एलान की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा (CEC Sunil Arora) ने कहा था कि चुनाव आयोग 29 सितंबर को देश के बाकी राज्यों में उपचुनाव की घोषणा करेगा. दरअसल उपचुनावों को लेकर 3 से 4 राज्यों की तरफ से कुछ रिजर्वेशंस किया गया था, जिस पर निर्णय लेने के बाद ही आयोग इसका ऐलान करेगा. बता दें इस बार चुनाव आयोग ने आचार संहिता में कई बदलाव किए हैं. कोविड को देखते हुए ये बदलाव किया गया है.

कुलदीप सिंह सेंगर और अब्दुल्ला आजम की विधायक रद्द होने के बाद यहां उप चुनाव

उत्तर प्रदेश की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, इनमें 6 भाजपा के पास जबकि 2 सपा के पास थीं. 5 सीटें मौजूदा विधायकों के निधन के कारण खाली हुई हैं. इसमें 4 भाजपा के जबकि एक सपा के विधायक थे. वहीं 2 सीटें विधायकों की सदस्यता खत्म होने के कारण खाली हुई हैं. इनमें भाजपा और  सपा की एक-एक सीट है. इसके अलावा टूण्डला की सीट से विधायक एसपी बघेल 2019 में सांसद बन गए, जिसके बाद ये सीट खाली हुई है. 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इन 8 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव के नतीजे काफी मायने रखेंगे.



कौन-कौन सी आठ सीटें हैं? जिन पर चुनाव होगा और अभी क्या स्थिति है, आइये जानते हैं…
1- मल्हनी, जौनपुर -

जौनपुर की ये सीट बहुत अहम है. 2017 के विधानसभा चुनाव में ये सीट सपा ने जीती थी. पारसनाथ यादव यहां से विधायक थे. इनके निधन के कारण ये सीट खाली हुई है. इस सीट पर उनके बेटे लकी यादव के चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है. यादव और ठाकुर बाहुल्य इस सीट पर एक बड़ा फैक्टर बाहुबली धनंजय सिंह भी हैं.

2- बांगरमऊ, उन्नाव-

रेप कांड में दोषी साबित कुलदीप सिंह सेंगर की सदस्यता जाने के कारण ये सीट खाली हुई है. भाजपा के कुलदीप सिंह सेंगर 2017 के चुनाव में यहां से विधायक चुने गए थे.

3- देवरिया-

भाजपा के विधायक जन्मेजय सिंह के निधन के कारण ये सीट खाली हुई है.

4- स्वार, रामपुर-

कम उम्र साबित होने के कारण आजम खान के बेटे अबदुल्ला आजम की सदस्यता खत्म कर दी गई थी. इसी वजह से स्वार की सीट खाली हो गई है. इस पर अब चुनाव होंगे.

5- टूण्डला, फिरोजाबाद-

एसपी सिंह बघेल के भाजपा से सांसद बनने के बाद से ये सीट खाली चल रही है. पिछले साल हुए उपचुनाव में इस सीट पर चुनाव नहीं कराए जा सके थे क्योंकि मामला कोर्ट में चला गया था. अब यहां चुनाव होंगे.

6- बुलंदशहर-

2017 के चुनाव में यहां से भाजपा के वीरेन्द्र सिंह सिरोही विधायक चुने गये थे. उनके निधन के कारण ये सीट खाली हुई है. इस पर अब चुनाव होंगे.

7- घाटमपुर, कानपुर-

योगी सरकार में मंत्री कमलरानी वरूण के निधन से ये सीट खाली हुई है. कोरोना संक्रमण के चलते मंत्री कमलरानी वरूण का निधन हुआ था.

8- नौंगाव सादात, अमरोहा -

2017 के चुनाव में चेतन चौहान भाजपा से विधायक चुने गये थे. योगी सरकार के दूसरे मंत्री जिनका कोरोना से निधन हुआ. मंत्री चेतन चौहान के भी निधन से सीट खाली हुई है.
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