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UP Chunav: बैरिया से मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी को टिकट, हंगामे के बाद JDU ने हटाया नाम

UP Chunav: बैरिया से मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी को टिकट, हंगामे के बाद JDU ने हटाया नाम

बलिया की बैरिया सीट से रमेश चंद्र उपाध्याय को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था.

बलिया की बैरिया सीट से रमेश चंद्र उपाध्याय को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था.

Uttar Pradesh Assembly Election: बलिया की बैरिया सीट से रमेश चंद्र उपाध्याय को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था. जब लिस्ट में उनका नाम सामने आया तो बलिया से लेकर पटना तक यह मुद्दा बन गया. यह रमेश चंद्र उपाध्याय वहीं हैं, जिन्हें 2008 में मालेगांव में हुए ब्लास्ट का मुख्य आरोपी बनाया गया है.

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लखनऊ. जनता दल यूनाइटेड की ओर से हाल ही यूपी चुनाव को लेकर पहली लिस्ट जारी की गई थी. लिस्ट जारी हुए एक दिन ही बीता था​ कि लिस्ट को लेकर हंगामा बरपने लगा. दरअसल पार्टी ने लिस्ट जारी के करने के दौरान ध्यान ही नहीं दिया कि बलिया से ऐसे शख्स को टिकट दिया जा रहा है, जो मालेगांव ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है. बस, जैसे ही यह नाम सामने आया पार्टी के अंदर और बाहर हंगामा शुरू हो गया. पार्टी को भी समझ आ गया कि गलती हो गई है. किरकिरी होने के बाद पार्टी ने आनन फानन में फिर से लिस्ट में बदलाव किया और संशोधित लिस्ट जारी की.

बिहार तक पहुूंचा हंगामा
दरअससल ​बलिया की बैरिया सीट से रमेश चंद्र उपाध्याय को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था. जब लिस्ट में उनका नाम सामने आया तो बलिया से लेकर पटना तक यह मुद्दा बन गया. यह रमेश चंद्र उपाध्याय वहीं हैं, जिन्हें 2008 में मालेगांव में हुए ब्लास्ट का मुख्य आरोपी बनाया गया है. ऐसे में उन्हें बैरिया से खड़ा करना पार्टी पर सवाल उठा रहा था’. जदयू ने भी अपनी गलती को जल्दी समझ लिया और तुरंत संशोधन कर दिया.

सीट भी हट गई
नई जारी की गई लिस्ट में ना सिर्फ उपाध्याय का नाम हटा है बल्कि बैरिया सीट का नाम ही हटा दिया गया है. संशोधित लिस्ट में अब भी 20 ही नाम हैं. नई स्टि में 8वें स्थान पर औरेया सदर सीट का नाम डाला गया है. यहां से मीरा दीपावकर को उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पुराने उम्मीदवारों के नामों को ज्यों का त्यों रखा गया है.

जरूरी नहीं हर प्रदेश में हो गठबंधन
उधर, इस सूची को हुए हंगामे के बाद भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी अपनी बात रखी है. उन्होंने जदयू को धोखे में रखने के आरोप पर कहा है कि जरूरी नहीं कि पार्टी से हर प्रदेश में गठबंधन किया जाए. ऐसा जरूरी तो नहीं कि यदि किसी एक राज्य में हम साथ हैं तो हर राज्य में साथ ही होंगे. बिहार का गणित अलग है और यूपी का अलग. हर प्रदेश में पार्टी की अपनी एक अलग ईकाई है. यह प्रदेश के अनुसार तय होता कि किस पार्टी के साथ गठबंधन होगा. ऐसा मुमकिन नहीं कि दल से हर प्रदेश में ही गठबंधन हो. जहां जैसी जरूरत होगी वहां वैसा काम होगा. यह पूरी तरह से नेतृत्व का निर्णय होता है.

Tags: UP chunav, Uttar Pradesh Assembly Election 2022

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