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अगर आप Facebook पर 'हनीट्रैप' में फंसे हैं या फंसने का है शक तो तुरंत करें कॉल...

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यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण के अनुसार फेसबुक पर ये आईडी खुद को डिफेंस रिपोर्टर, सोशल वर्कर, इंटीरियर डिजाइनर बताती हैं. शुरुआती चैटिंग में मीठी-मीठी बातें कर जवानों को फंसा लेती हैं, फिर कैंट की तस्वीरों से लेकर महत्वपूर्ण जगहों पर सेना के मूवमेंट की जानकारी लेती हैं.

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    पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई किस तरह से भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए फेसबुक की सहायता ले रही है. पिछले दिनों यूपी एटीएस की जांच में ये सामने आया. दरअसल एटीएस ने बीएसएफ के जवान को गिरफ्तार किया, जिससे पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. इन खुलासों से ये पता चलता है कि सेना, पैरामिलिट्री के जवानों और देश नौजवानों को चौकन्ना रहना होगा. पता चला है कि आईएसआई ने जवानों को फंसाने के लिए फेसबुक पर हसीनाओं की फौज तैयार कर ली है.

    अब इस जानकारी के बाद यूपी एटीएस ने एक मोबाईल नंबर और ईमेल आईडी जारी किया है. एटीएस का कहना है कि चाहे वह सेना या अद्र्धसैनिक बलों का जवान हो या कोई बेरोजगार युवक, जिस किसी को भी यह लगता है कि फेसबुक पर किसी एकाउंट द्वारा उससे गोपनीय सूचनाएं, कैंट की तस्वीरें, सेना के मूवमेंट आदि की जानकारी मांगी जा रही है तो वह फौरन इस नंबर या ईमेल आईडी पर संपर्क कर सकता है.

    यूपी एटीएस के आईजी बताते हैं कि बीएसएफ का जवान अच्युतानंद मिश्रा भी ऐसे ही हनीट्रैप का शिकार हुआ. उन्होंने बताया कि बीएसएफ के आरकेपुरम, नई दिल्ली के कंपोजिट हॉस्पिटल में तैनात कांस्टेबल अच्युतानंद मिश्रा फेसबुक पर एक खूबसूरत युवती की आईडी काजल शर्मा के संपर्क में आया. आईडी में काजल शर्मा ने ख़ुद को डिफेंस रिपोर्टर बताया. धीरे-धीरे बीएसएफ जवान उस आईडी के करीब और अपनी जिम्मेदारियों से दूर होता चला गया.

    दोनों में नंबर का आदान-प्रदान हुआ और व्हाट्सएप पर फोटो, वीडियो भेजने के साथ कॉलिंग भी होने लगी. इस दौरान बीएसएफ के जवान ने उस आईडी को तमाम ऐसी जानकारियां दे दीं, जो देश की सेना और सुरक्षा के खिलाफ़ इस्तेमाल हो सकती हैं. एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि काजल शर्मा जैसी फेक आईडी पर हमारी ख़ुफ़िया एजेंसियों की नज़र बनी रहती है, जिसके चलते अच्युतानंद गिरफ्तार हुआ.

    उन्होंने बताया कि पूछताछ और जांच में सामने आया कि आईएसआई ने 100 से ऊपर फर्ज़ी आईडी फेसबुक पर बना रखी है. ये आईडी खुद को नई दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ का बताने वाली खूबसूरत लड़कियों की है, जो असल मे आईएसआई की फर्ज़ी हसीनाएं हैं. ये आईडी खुद को डिफेंस रिपोर्टर, सोशल वर्कर, इंटीरियर डिजाइनर बताती हैं. शुरुआती चैटिंग में मीठी-मीठी बातें कर जवानों को फंसा लेती हैं, फिर कैंट की तस्वीरों से लेकर महत्वपूर्ण जगहों पर सेना के मूवमेंट की जानकारी लेती हैं. एक बार कोई इनके जाल में फंसा तो निकलना मुश्किल है.

    आईजी ने बताया कि इस जानकारी के बाद यूपी एटीएस ने ऐसे हनीट्रैप में फंसे लोगों को जाल से बचाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9792103082 और ईमेल आईडी igats-up@gov.in जारी की है. जानबूझकर या अनजाने में आईएसआई के हनीट्रैप में फंसे लोग यूपी एटीएस को जानकारी दे सकते हैं ताकि समय रहते ऐसे लोगों को हनीट्रैप से बचाया जा सके. यूपी एटीएस की ओर से ये जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि कोई अनजाने में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में न शामिल हो जाए.

    (रिपोर्ट- ऋषभ मणि त्रिपाठी)

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    Tags: ATS, Fake facebook profile, Indian army, Lucknow news, Up news in hindi, Uttarpradesh news, लखनऊ

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