नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खास इस नेता को यूपी BJP में कहा जाता है पीके

वर्ष 2014 में जब अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाया गया था तो उन्होंने यूपी में बूथ मैनेजमेंट का जिम्मा सुनील बंसल को सौंपा था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 20, 2019, 3:01 PM IST
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खास इस नेता को यूपी BJP में कहा जाता है पीके
यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री सुनील बंसल की फाइल फोटो
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Updated: May 20, 2019, 3:01 PM IST
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री सुनील बंसल को उतनी लोकप्रियता नहीं मिली थी, जितनी आज है. लेकिन, पिछला लोकसभा चुनाव और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के बड़े नेताओं में सुनील बंसल का रसूख बढ़ता गया. आज उन्हें बीजेपी का 'पीके' कहा जाता है. उन्हें बूथ मैनेजमेंट, प्रत्याशियों का चयन और संगठन में नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने में महारत हासिल है. यही वजह है कि संघ बैकग्राउंड से जुड़े सुनील बंसल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी के भी गुड बुक में हैं.

अमित शाह ने दी थी अहम जिम्‍मेदारी


साल 2014 में जब अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाया गया तो उन्होंने यूपी में बूथ मैनेजमेंट का जिम्मा सुनील बंसल को सौंपा था. इस जिम्मेदारी को एक चुनौती के तौर पर लेते हुए सुनील बंसल ने प्रदेश में विभाजित संगठन को मजबूत करने का काम शुरू किया. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बीजेपी का संगठन कमजोर था, वहां नए बूथ प्रभारियों का चयन किया. इसके अलावा उन्होंने 2014 में अमित शाह के कहने पर ही प्रत्याशियों का सर्वे भी किया और नतीजा यह रहा कि बीजेपी एवं उसके सहयोगी ने यूपी की 80 सीटों में से 73 पर जीत हासिल की. यही काम उन्होंने वर्ष 2017 में संगठन मंत्री के रूप में किया और बीजेपी अपने बूते 312 सीटों पर जीत कर सत्ता में पहुंची.

कड़क नेता की है छवि

सुनील बंसल के बारे में कहा जाता है कि वे एक कड़क छवि के नेता है और अमित शाह भी उनकी बात को गंभीरता से लेते हैं. इतना ही नहीं सुनील बंसल अपने संपर्क में रहने वाले हर कार्यकर्ता की सुध लेते हैं और मुसीबत के समय में साथ खड़े रहते हैं. युवाओं से सीधा जुड़ने के लिए बीजेपी की सोशल मीडिया टीम पर खास नजर रखने वाले सुनील ने न सिर्फ यूपी में जातीय समीकरणों को बेहद नजदीकी से समझा बल्कि बूथ लेवल तक दलित, ओबीसी और महिलाओं से कार्यकर्ताओं को सीधे तौर पर जुड़ने को कहा. बंसल की इसी रणनीति का नतीजा था कि बीजेपी की यूपी में 2 करोड़ से ज्यादा सदस्यता हुई.

वर्ष 019 में भी अमित शाह ने उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी थी. चुनाव प्रचार से लेकर बूथ मैनेजमेंट और आईटी सेल की जिम्मेदारी सुनील बंसल के पास थी. प्रत्याशियों के फीडबैक से लेकर किसे कहां से खड़ा करना है, उसकी रिपोर्ट सुनील बंसल ने ही अमित शाह को दी. मौजूदा सांसदों का फीडबैक रिपोर्ट भी उन्होंने ही पार्टी को दी. इसके अलावा नेताओं की चुनावी रैलियों और अलग-अलग कार्यक्रमों का खाका भी उन्होंने ही खिंचा.

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