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कुलदीप सेंगर पर यूपी BJP अध्यक्ष बोले- केंद्रीय नेतृत्व ने निकाला, मुझे नहीं थी जानकारी

बीजेपी से निष्काषण की अवधि 6 महीने होती है. आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से कितनी अवधि के लिए निष्कासित किया गया है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.
बीजेपी से निष्काषण की अवधि 6 महीने होती है. आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से कितनी अवधि के लिए निष्कासित किया गया है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

बीजेपी से निष्काषण की अवधि 6 महीने होती है. आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से कितनी अवधि के लिए निष्कासित किया गया है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, मगर मुझ इस निष्कासन का पता नहीं था. मैं कानपुर में था, लेकिन आज (गुरुवार) ये फैसला केंद्रीय नेतृत्व ने किया है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि आप प्रदेश की योगी सरकार पर उंगली नहीं उठा सकते क्योंकि हम पूरी तरह से पीड़िता के साथ हैं.

दरअसल बीजेपी से निष्काषण की अवधि 6 महीने होती है. आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से कितनी अवधि के लिए निष्कासित किया गया है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित किए जाने को लेकर काफी समय तक सस्पेंस बना हुआ था. गुरुवार दोपहर बीजेपी ने दावा किया कि सेंगर को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है, लेकिन यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह शाम तक कह रहे थे कि वो सस्पेंड हैं. हालांकि स्वतंत्र देव सिंह ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. वो अब पार्टी में नहीं है.



इससे पहले कानपुर में जब स्वतंत्र देव से कुलदीप सिंह को बीजेपी से बाहर करने को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से 2018 में निलंबित किया जा चुका है. इसके बाद कुलदीप की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी, अब स्वतंत्र सिंह के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि कुलदीप को पार्टी से निकाल दिया गया है.
गुरुवार सुबह स्वतंत्र देव सिंह को आनन-फानन में दिल्ली बुला लिया गया था. जिसके बाद से ही कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ बीजेपी की ओर से सख्त कार्रवाई किए जाने की अटकलें तेज हो गई थी.


कौन हैं कुलदीप सिंह सेंगर
मूल रूप से फतेहपुर के रहने वाले कुलदीप सिंह सेंगर की माखी गांव में तूती बोलती है. उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक पर उनका ननिहाल है. वो यहीं आकर बस गए थे. कुलदीप सेंगर ने यूथ कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरूआत की थी. वो उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से लगातार 4 बार जीतकर विधायक निर्वाचित हुए हैं.

सेंगर वर्ष 2002 में भगवंतनगर से बीएसपी के टिकट पर सबसे पहली बार विधायक बने. इसके बाद 2007 और 2012 में वो सपा के टिकट पर चुने गए. जबकि वर्ष 2017 में वो उन्नाव जिले के बांगरमऊ से बीजेपी के टिकट पर चुनकर विधानसभा पहुंचे.

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