Analysis: जानिए कब तक हो सकता है यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम का ऐलान?

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: June 18, 2019, 9:23 AM IST
Analysis: जानिए कब तक हो सकता है यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम का ऐलान?
यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम का ऐलान?

ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के पद पर किसी ब्राह्मण या पिछड़े को मौका मिल सकता है. साथ इस बात की भी चर्चा है कि पश्चिम यूपी में जातिगत समीकरण और अपने जमीन को और मजबूत करने के उद्देश्य से बीजेपी यहां के किसी चेहरे को मौका दे सकती है.

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यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम का ऐलान होने में कुछ वक्त लग सकता है. सूत्रों के मुताबिक 12 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के बाद बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है. यह भी कहा जा रहा है कि मौजूदा पदाधिकारियों में से किसी को प्रदेश का नेतृव सौंपने की बजाय किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी दी जा सकती है. दरअसल बीजेपी में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू है, लिहाजा कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने के बाद महेंद्रनाथ पांडेय को अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा. यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि उपचुनाव से इसका कोई लेना देना नहीं है. ये नेतृत्व के ऊपर निर्भर है. उन्होंने कहा कि जैसा केंद्र में जगत प्रकाश नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है वैसा ही यूपी में होगा.

त्रिपाठी कहते हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हो सकता हैं कि अध्यक्ष पद का चुनाव हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन प्रक्रिया के तहत चुनाव होगा तो नवंबर-दिसंबर तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष चुना जाएगा. बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक सबसे पहले सदस्यता अभियान चलेगा उसके बाद जिला, महानगर और मंडल अध्यक्ष चुने जाएंगे. उसके बाद ही प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है. ऐसा में कुछ वक्त लग सकता है. लेकिन यह सब कुछ केंद्र और प्रदेश नेतृव के ऊपर निर्भर है. राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि बीजेपी में कई उदाहरण पहले देखने को मिला है. कई बार निर्वाचन प्रकिया का पालन हुआ है, वहीं कई बार चुनाव से पहले ही मनोनीत कर दिए गए हैं.

यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी


विशेषज्ञों की मानें तो योगी मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद ही कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है. क्योंकि योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में पार्टी कई जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी. किसे कितना नेतृत्व मिला उसी आधार पर अध्यक्ष और संगठन में भी बदलाव किया जाएगा. प्रदेश सरकार से कुछ चेहरों को सत्ता से हटाकर संगठन में भेजा जा सकता है. बता दें कि बीजेपी का 6 जुलाई से 10 अगस्त तक सदस्यता अभियान प्रस्तावित है.

ब्राह्मण या पिछड़े को मिल सकता है मौका

ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के पद पर किसी ब्राह्मण या पिछड़े को मौका मिल सकता है. साथ इस बात की भी चर्चा है कि पश्चिम यूपी में जातिगत समीकरण और अपने जमीन को और मजबूत करने के उद्देश्य से बीजेपी यहां के किसी चेहरे को मौका दे सकती है. इसकी वजह यह भी है कि पश्चिम यूपी में बीजेपी को गठबंधन के हाथों कई सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, अमरोहा और संभल जैसी सीट गंवानी पड़ी है.

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First published: June 18, 2019, 9:11 AM IST
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