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यूपी बोर्ड: हिंदी में फेल हो गए एक लाख से ज्‍यादा छात्र

यूपी बोर्ड: हिंदी में फेल हो गए एक लाख से ज्‍यादा छात्र

एक ओर जहां प्रदेश की सरकार हिंदी दिवस से लेकर हिंदी सप्ताह तक मनाती है. ऐसे हिंदी भाषी राज्य में बड़े पैमाने पर हिंदी विषय में हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं फेल हो गए. हिंदी में फेल होने पर उत्तर-प्रदेश की शिक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल तो खड़ा हो ही गया है साथ ही इस बात पर भी आश्चर्य है कि रोजमर्रा की भाषा में इतने पड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के फेल हो जाने से शिक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं.

एक ओर जहां प्रदेश की सरकार हिंदी दिवस से लेकर हिंदी सप्ताह तक मनाती है. ऐसे हिंदी भाषी राज्य में बड़े पैमाने पर हिंदी विषय में हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं फेल हो गए. हिंदी में फेल होने पर उत्तर-प्रदेश की शिक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल तो खड़ा हो ही गया है साथ ही इस बात पर भी आश्चर्य है कि रोजमर्रा की भाषा में इतने पड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के फेल हो जाने से शिक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं.

एक ओर जहां प्रदेश की सरकार हिंदी दिवस से लेकर हिंदी सप्ताह तक मनाती है. ऐसे हिंदी भाषी राज्य में बड़े पैमाने पर हिंदी विषय में हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं फेल हो गए. हिंदी में फेल होने पर उत्तर-प्रदेश की शिक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल तो खड़ा हो ही गया है साथ ही इस बात पर भी आश्चर्य है कि रोजमर्रा की भाषा में इतने पड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के फेल हो जाने से शिक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं.

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    एक ओर जहां प्रदेश की सरकार हिंदी दिवस से लेकर हिंदी सप्ताह तक मनाती है. ऐसे हिंदी भाषी राज्य में बड़े पैमाने पर हिंदी विषय में हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं फेल हो गए. हिंदी में फेल होने पर उत्तर-प्रदेश की शिक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल तो खड़ा हो ही गया है साथ ही इस बात पर भी आश्चर्य है कि रोजमर्रा की भाषा में इतने पड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के फेल हो जाने से शिक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं.

    इससे पहले किसी भी वर्ष यूपी बोर्ड हाईस्कूल में इतनी बड़ी तादाद में हिंदी में परीक्षार्थी फेल नहीं हुए थे. आपको बता दें रविवार को यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित हुए थे. हालांकि हाईस्कूल में हिंदी में फेल हुए छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा. यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा के हिंदी विषय में 34 लाख 74 हजार 287 विद्यार्थी शामिल हुए थे. इनमें से 33 लाख 71 हजार 195 विद्यार्थी उतीर्ण हुए जबकि एक लाख तीन हजार 83 विद्यार्थी फेल हो गए.

    यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में तकरीबन एक लाख छात्र-छत्राएं हिंदी विषय में ही फिसड्डी साबित हो गए. हिंदी भाषी राज्य में इतने पड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के फेल हो जाने से शिक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं. इन एक लाख विद्यार्थियों को अब अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिल सकेगा.

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