UP Board Exam 2020: मुख्य सचिव ने किया कंट्रोल रूम का निरीक्षण, जिलों की मांगी रिपोर्ट
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UP Board Exam 2020: मुख्य सचिव ने किया कंट्रोल रूम का निरीक्षण, जिलों की मांगी रिपोर्ट
मेरठ में एक छात्र पास होने के बाद भी दे रहा था इंटर की परीक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में बने कंट्रोल रूम (Control Room) से पूरे प्रदेश की मानिटरिंग (Online Monitoring) की जा रही है. कंट्रोल रूम में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बाधित है...

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लखनऊ. यूपी बोर्ड परीक्षाओं (up board examination) को लेकर सरकार की सख्ती का सकारात्मक असर नजर आने लगा है. लखनऊ के पार्क रोड स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय (Directorate of secondary education) में बने कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने आज यूपी के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी पहुंच गये और ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों से प्रत्येक जिलों की रिपोर्ट ली. इस दौरान राजेन्द्र कुमार तिवारी ने मीडिया से बातचीत बताया कि ऑन लाइन मानिटरिंग (Online Monitoring) होने की वजह से प्रदेश के हर सेंटर पर नजर रखना न सिर्फ आसान हो गया है बल्कि अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रो से भी नकल न होने की तस्वीर दिखायी दे रही है.

सीसीटीवी के साथ लगे हैं वॉयस रिर्काडर भी
उन्होंने कहा ये और बात है कि इस बार परीक्षा के पहले दो दिन में ही लाखों छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी लेकिन वही छात्र परीक्षा में बैठ रहे हैं जिन्होंने पूरे साल मेहनत से पढ़ाई की है. प्रदेश भर के 7784 परीक्षा केंद्रों पर हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षा की निगरानी एक लाख 91 हजार सीसीटीवी कैमरों की निगाह से की जा रही है. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक से दो सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. यहां तक कि अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर 3 से 4 कैमरे भी लगाये गये हैं. मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी के साथ परीक्षा की मानिटरिंग के लिए शिक्षा विभाग निदेशालय में बने कंट्रोल रूम का जायजा लेने पहुंची प्रमुख सचिव माध्यमिक अराधना शुक्ला ने बताया है कि साल 2018 में केंद्रो पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ साथ 2019 में कैमरे के साथ वॉयस रिर्काडर भी लगाये गये जिसके चलते परीक्षा कक्ष की आवाजें भी सुनी जा सकती हैं. किसी भी केंद्र से शिक्षक या छात्र-छात्राओं की ज्यादा आवाज आते ही कक्ष निरीक्षक को फोन किया जा रहा है. ताकि कोई भी समस्या हो तो उसका तुरंत निदान किया जा सके.

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में बने कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश की मानिटरिंग की जा रही है. कंट्रोल रूम में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बाधित है जबकि विभाग की तरफ से कुछ परीक्षा केद्रों को पहले ही डिबार घोषित कर दिया गया था. हालांकि इस दौरान कुछ शिकायतें भी आयी हैं जैसे दूसरे दिन परीक्षा में प्रदेश के कुछ जिलों जैसे बलिया, बनारस, चंदौली में सीसीटीवी कैमरे के खराब होने की शिकायत आयी लेकिन ऑन लाइन मानिटरिंग होने के चलते तुरंत सीसीटीवी कैमरे बदले गये.



बोर्ड परीक्षा के लिए सोशल मीडिया भी मददगार


इस बार सरकार ने बोर्ड परीक्षा के संचालन के लिए टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल किया है. जिसके तहत सीसीटीवी के अलावा परीक्षार्थियों की ई-मेल और ट्विटर से आ रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उनका निदान किया जा रहा है जबकि बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राओं की सहायता के लिए BOARDEXAM2020 के नाम से पेज भी लांच करने की योजना बनायी जा रही है. परीक्षा से संबंधित समस्याओं के लिए स्टूडेंट्स को टोल फ्री नंबर पहले ही जारी किए जा चुके हैं. हालांकि बोर्ड परीक्षा के शुरुआती दो दिनों में ही तीन लाख 17 हजार 475 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है. वहीं जहां एक तरफ मुख्य सचिव ने नकल पर पूरी तरह से नकेल लगने की बात कही तो दूसरी तरफ यूपी बोर्ड के अपर सचिव शिव लाल के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में पहले दिन जहां 34 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए थे. वहीं दो दिनों में ये आंकड़ा भी बढ़कर 44 तक पहुंच गया है. जबकि नकल में शामिल परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और प्रबंधकों के खिलाफ कुल नौ एफआईआर दर्ज करायी जा चुकी हैं.

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