UP में शुरू हुई ब्राहमण वोट बैंक की राजनीति, अखिलेश के बाद अब मायावती बोलीं- अगर सरकार बनीं तो...
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UP में शुरू हुई ब्राहमण वोट बैंक की राजनीति, अखिलेश के बाद अब मायावती बोलीं- अगर सरकार बनीं तो...
मायावती ने भी चला ब्राह्मण कार्ड

मायावती (Mayawati) ने कहा कि अगर 2022 में यूपी में बसपा की सरकार बनती है तो ब्राह्मण समाज की आस्था के प्रतीक परशुराम और सभी जातियों के महान संतों के नाम पर अस्पतालों व सुविधायुक्त ठहरने के स्थानों का निर्माण कराया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 9, 2020, 12:47 PM IST
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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा भगवान परशुराम (Parshuram) की 108 फीट ऊंची मूर्ति लगाने के ऐलान के बाद यूपी की सियासत में 2022 के चुनाव से पहले मुद्दों को लेकर स्थिति साफ होती जा रही है. यूपी में ब्राह्मण वोटों (Brahmin Vote Bank) की अहमियत सभी विपक्षी दलों को समझ में आने लगी है. यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के इस ऐलान के बाद रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने प्रेस कांफ्रेंस कर ब्राह्मण कार्ड खेल दिया. मायावती ने कहा कि अगर 2022 में यूपी में बसपा की सरकार बनती है तो ब्राह्मण समाज की आस्था के प्रतीक परशुराम और सभी जातियों के महान संतों के नाम पर अस्पतालों व सुविधायुक्त ठहरने के स्थानों का निर्माण कराया जाएगा.  इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में ब्राह्मणों के लिए क्या किया गया.

लगाए ये आरोप

मायावती ने कहा कि चार बार बनीं बसपा की सरकार में सभी वर्गों के महान संतों के नाम पर अनेक जनहित योजनाएं शुरू की गई थीं जिसे बाद में आई सपा सरकार ने जातिवादी मानसिकता व द्वेष की भावना के चलते बदल दिया. मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी से भव्य परशुराम की मूर्ति उनकी सरकार लग्वाएगी. उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना के खिलाफ केंद्र व राज्य की सरकारें पूरी तरह से कामयाब नहीं रही हैं। उनके प्रयासों में कमी रही है.







दरअसल कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए मुख्य आरोपी विकास दुबे और उनके गुर्गों की एनकाउंटर में मौत के बाद से ही यूपी में सभी विपक्षी दल सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि योगी सरकार ब्राह्मण विरोधी है. अब जब आगामी विधानसभा चुनाव में करीब दो साल का बचा है तो कांग्रेस सहित समाजवादी पार्टी और बसपा ब्राह्मण कार्ड खेलने में नहीं चूक रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिले में भगवान राम की मूर्ति लगाई जाएगी. इसके बाद मायावती ने भी देरी न करते हुए ऐलान कर दिया कि उनकी सरकार बनते ही हर धर्म के संतों के नाम पर अस्पतालों व सुविधायुक्त ठहरने के स्थानों का निर्माण कराया जाएगा.
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