सीएम योगी के दूसरे बजट में युवाओं को नौकरी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस!

यह योगी सरकार का दूसरा बजट है. इस बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास का रोडमैप साफ़ दिखाई दे सकता है.

News18Hindi
Updated: February 15, 2018, 11:21 AM IST
सीएम योगी के दूसरे बजट में युवाओं को नौकरी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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Updated: February 15, 2018, 11:21 AM IST
उत्तर प्रदेश के आम बजट का इतिहास विकास के इर्दगिर्द ही घूमता नजर आया है. विकास के विभिन्न आयामों में वितरण कई बार संतुलित रहा तो कई बार सत्तारूढ़ दलों के प्रभाव वाले इलाकों को ज्यादा तवज्जो दी गई. इस बार सूबे में बीजेपी की प्रचंड बहुमत वाली सरकार है. इतना ही नहीं सूबे से 73 सांसद भी बीजेपी के हैं. लिहाजा ऐसे में समग्र विकास और विकास में क्षेत्रवार संतुलन बेहद आवश्यक है. उम्मीद है कि इस बार योगी सरकार के बजट में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए योजनाओं की लंबी फेहरिस्त होगी. वहीं युवाओं को नौकरी पर भी फोकस होगा.

योगी सरकार को सत्ता में आए लगभग एक वर्ष होने जा रहा है. सरकार के सामने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक विकास के अलावा आधारभूत ढांचे के विकास को और रफ्तार देना भी बड़ी चुनौती है. सूबे के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल कहते हैं, “हम योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना चाहते हैं. हम सभी योजनाओं को बजट दे रहे हैं, लेकिन काम समय से पूरा नहीं हुआ और इस नाते लागत बढ़ी तो जबाबदेही अफ़सर की होगी और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी.”

सरकार ने बजट में 2019 के लोकसभा चुनावों का विशेष ध्यान रखा है. योगी सरकार के सामने मायावती सरकार के समय का यमुना एक्सप्रेस वे, एनसीआर की मेट्रो परियोजना, लखनऊ, नोएडा जैसे शहरों में ढांचागत विकास तो अखिलेश सरकार के दौर का आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे, लखनऊ मेट्रो, बिजली ढांचे में फीडर सेपरेशन का काम एक चुनौती की तरह है. योगी सरकार को लोकसभा से पहले ये बताना होगा कि उनकी ने क्या महत्वपूर्ण कार्य किए. यूपी बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी कहते हैं सरकार इस क्षेत्र में बड़े काम कराने जा रही है.

इधर विपक्षी समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन कहते हैं, “योगी सरकार के पास हमारी योजनाओं और उप्लब्धियों को अपना बताने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं है. ये जुमलेबाज़ लोग हैं.”

युवा वर्ष घोषित कर सकती है सरकार

युवाओं को लुभाने के लिए सरकार 2018-19 को युवा वर्ष घोषित कर सकती है. योगी सरकार के दूसरे बजट में युवाओं को रोजगार देने पर खास फोकस होगा. हालांकि लैपटॉप योजना के लिए अभी छात्रों को इन्तजार करना पड़ सकता है.

पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास का रोडमैप

यह योगी सरकार का दूसरा बजट है. इस बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास का रोडमैप साफ़ दिखाई दे सकता है. पीएम मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी, सीएम योगी के गृह क्षेत्र गोरखपुर और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के प्रभाव वाले इलाकों इलाहाबाद के लिए विकास योजनाओं तोहफ़ा होगा. बुंदेलखंड में जल संकट दूर करने के बजट में प्रावधान होगा. सरयू, अर्जुन सागर और बाण सागर परियोजनाओं को पूरा करने पर बजट का बड़ा हिस्सा खर्च होगा. सम्पूर्ण प्रदेश में सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त कराने को लेकर अभियान जारी रहेगा.

बिजली परियोजनाओं को गति

कहा जा रहा है घर-घर बिजली पहुचाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करेगी. मोदी सरकार के विद्युत ढांचे को हर व्यक्ति तक पहुंचाने की योजना को भी साकार रूप दिया जाना है. ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन को ठीक करने पर भी सरकार बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करने जा रही है.

तीर्थ स्थलों के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर फोकस

काशी, मथुरा और अयोध्या के साथ-साथ प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों को हवाई और सड़क मार्ग से जोड़ने के साथ बिजली और पानी के इंतजाम पर भी बजट में प्रावधान होगा. चित्रकूट, श्रावस्ती, कुशीनगर, गोरखपुर, बरेली और झांसी जिलों के धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से बजट में कई नई योजनाओं के माध्यम से मानचित्र पर उभारने की कल्पना है.

ग्रामीण सड़कों का जाल

जिलों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों की सड़कों को बेहतर करने, पुलों, ओआरबी के अधूरे निर्माणों को पूरा करने पर भी बजट का जोर होगा.

3.84 लाख करोड़ के प्रस्तवित बजट में बजट को खर्च न कर पाने का भी आरोप योगी सरकार पर लगा है. ये भी सही है कि सरकार नई थी कामकाज के अनुभव और नई टीम के सृजन में काफी समय लगा. बजट का बड़ा हिस्सा भी संकल्प पत्र के फैसलों को हक़ीक़त में तब्दील करने में लग गया. लेकिन अब चुनावी साल है और 5 साल की मोदी सरकार को जनता का अभिमत भी हासिल करना है. लिहाजा पुरानी सफलता दोहराने के लिए बीजेपी नेतृत्व पर बजट को लेकर बेहद दबाव है.
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