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योगी सरकार ने की लोक निर्माण विभाग के बजट में भारी कटौती
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MANISH KUMAR | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 18, 2020, 1:09 PM IST
योगी सरकार ने की लोक निर्माण विभाग के बजट में भारी कटौती
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार का बजट पेश किया. (फाइल फोटो)

सुरेश खन्ना ने सदन में जो बजट पेश किया है, उसमें नयी सड़कों के निर्माण के लिए दिये जाने वाले बजट में भारी कटौती की गयी है.

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लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) के चौथे बजट में लोक निर्माण विभाग (PWD) के बजट में भारी कटौती दिखाई पड़ रही है. पहली नजर में पता चलता है कि लोक निर्माण विभाग का बजट पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में लगभग आधा कर दिया गया है. साल 2019-20 के बजट में पीडब्ल्यूडी को 24 हजार 957 करोड़ रूपये का बजट दिया गया था, जबकि इस बार 2020-21 के बजट में मात्र 14 हजार 366 करोड़ के बजट का ही प्रावधान रखा गया है.

नयी सड़कों के निर्माण के लिए बजट में कटौती

सुरेश खन्ना ने सदन में जो बजट पेश किया है, उसमें नयी सड़कों के निर्माण के लिए दिये जाने वाले बजट में भारी कटौती की गयी है. बाकी के मदों में कमोबेश वहीं स्थिति है. मसलन पिछले साल पीडब्ल्यूडी के अधीन बनायी जाने वाली नयी सड़कों के लिए 13 हजार 135 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी थी. इस साल के बजट में ये मद ही शामिल नहीं किया गया है. ये एक बड़ा कारण है जिससे बजट में कमी साफ दिखाई दे रही है. हालांकि सड़के निर्माण के एक दो मद अलग से जोड़े गये हैं. इस बजट में सरकार ने राज्य सड़क निधि बनायी है जिसमें 1500 करोड़ रूपये रखे गये हैं. सड़कों की मरम्मत का बजट पिछले साल के मुकाबले 2 करोड़ ज्यादा दिया गया है.

पुल निर्माण का बजट बढ़ाया



साल 2019-20 के बजट में सड़कों के अनुरक्षण के लिए 3522 करोड़ की जबकि इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए 3524 करोड़ की व्यवस्था की गयी है. पुलों के निर्माण का बजट पिछले साल के मुकाबले बढ़ाया गया है. इसे 2100 करोड़ से बढ़ाकर 2529 करोड़ किया गया है.

ये है बड़ी कटौती

बजट में ये कमी कुछ खास बिन्दुओं की वजह से दिखाई दे रही है. उदाहरण के तौर पर अन्तरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सड़कों की मरम्मत और उन्हें चौड़ा किये जाने का पिछले साल का बजट 1174 करोड़ रूपये का था लेकिन, इस बार सिर्फ नेपाल की सीमा से जुड़े सात जिलों में सड़क निर्माण और जमीन अधिग्रहण के लिए बजट की व्यवस्था की गयी है. इसके लिए महज 138 करोड़ रूपये रखे गये हैं. ये एक बड़ी कटौती साफ तौर पर दिखाई देती है. इसके अलावा पिछले साल नाबार्ड के ग्रामीण मार्गों के निर्माण और रखरखाव के लिए 702 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी थी. इस बजट में ये बिन्दु गायब है.

इस तरह इस बार के बजट में लोक निर्माण विभाग के कुल मदों को जोड़कर देखा जाये तो बजट महज 14 हजार 366 करोड़ का है. जबकि पिछले बजट में जारी किये गये कुल मदों का जोड़ 24 हजार 957 करोड़ रूपये था. यानी पिछले साल के मुकाबले 10 हजार 591 करोड़ रूपये की कमी. ये अंतर वित्त मंत्री के बजट भाषण में पीडब्लूडी के कॉलम के तहत दिए गए मदों के तुलनात्मक डाटा पर आधारित है.

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First published: February 18, 2020, 1:09 PM IST
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