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UP उपचुनाव परिणाम 2019: खामोश रहकर अखिलेश ने मायावती को दिखाया आईना

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 25, 2019, 9:17 AM IST
UP उपचुनाव परिणाम 2019: खामोश रहकर अखिलेश ने मायावती को दिखाया आईना
उपचुनाव में तीन सीटें जीतकर अखिलेश यादव ने दिया मायावती को करारा जवाब

मायावती (Mayawati) के आरोपों पर प्रतिक्रिया न देकर खामोश रहते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यह जता दिया कि 2022 में बीजेपी (BJP) का मुकाबला उनकी ही पार्टी करेगी.

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लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम (Lok Sabha Election Result) आने के बाद जिस तरह से बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर करारा हमला करते हुए गठबंधन तोड़ दिया था. अब उसका जवाब समाजवादी पार्टी ने यूपी उपचुनाव (UP Bye Election) में दिया है. मायावती के आरोपों पर प्रतिक्रिया न देकर खामोश रहते हुए अखिलेश यादव ने जता दिया कि वर्ष 2022 में बीजेपी का मुकाबला उनकी ही पार्टी करेगी. इतना ही नहीं 2022 में अगर गठबंधन की जरूरत पड़ी तो वो भी समाजवादी पार्टी के शर्तों पर होगी.

बीते 21 अक्टूबर को राज्य की जिन 11 सीटों पर उपचुनाव हुए थे उनमें से समाजवादी पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ रामपुर की सीट जीती थी. उपचुनाव में एसपी ने न सिर्फ रामपुर सीट बचाई बल्कि बीजेपी से बाराबंकी की जैदपुर सीट भी छीन ली, वहीं बीएसपी का मजबूत किला कहे जाने वाले जलालपुर सीट को भी जीत लिया. उपचुनाव में बीजेपी को आठ और समाजवादी पार्टी को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई. इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी चार सीटों पर दूसरे नंबर पर रही. अगर बात करें बीएसपी की तो वो एक भी सीट नहीं जीत सकी और सिर्फ अलीगढ़ की इगलास और जलालपुर सीट पर ही दूसरे नंबर पर आ सकी.

मायावती ने लगाए थे ये आरोप

बता दें लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन को मनमुताबिक सीटें न मिलने के बाद मायावती ने गठबंधन तोड़ दिया था. इतना ही नहीं उन्होंने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि उनका अपने परंपरागत यादव वोट पर ही पकड़ कमजोर हो गई है. मायावती ने यह भी कहा था कि अखिलेश यादव ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का भी विरोध किया था. इन आरोपों के बावजूद अखिलेश यादव ने मायावती के खिलाफ कुछ नहीं कहा. वो खामोश रहे. उपचुनाव के परिणाम यह साबित करते हैं कि अगर गठबंधन न होता तो बीएसपी 10 सीटें भी नहीं जीत पाती.

मजबूत हुए अखिलेश यादव

राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं कि लोकसभा चुनाव 2019 अगर अखिलेश अकेले लड़े होते तो नतीजा कुछ और होता. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में एक बात तो साफ हो गई है कि 2022 के रण में बीजेपी का मुकाबला समाजवादी पार्टी से ही होगा. यह उपचुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि 2022 में बीजेपी के खिलाफ गठबंधन अगर होता है तो वो कैसा होगा और किसके नेतृत्व में होगा. उन्होंने कहा कि अब गठबंधन समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में उनकी ही शर्तों पर होगा. यह भी है कि इस जीत से अखिलेश मजबूत हुए हैं और पार्टी नेताओं का मनोबल बढ़ा है, लेकिन बीजेपी से टक्कर लेना अभी भी बड़ी चुनौती है.



एसपी की जीत पर मायावती ने बीजेपी पर फोड़ा ठीकरा

उधर पहली बार उपचुनाव में उतरी बीजेपी के खराब प्रदर्शन पर मायावती ने बीजेपी पर आरोप लगाया है. चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने ने ट्वीट कर लिखा, 'यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले बीएसपी के लोगों का मनोबल गिराने के षडयंत्र के तहत बीजेपी द्वारा इस उपचुनाव में एसपी की कुछ सीटें जिताने और बीएसपी को एक भी सीट नहीं जीतने देने को पार्टी के लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं. वो इनके इस षडयंत्र को फेल करने के लिए पूरे जी-जान से जरूर जुटेंगे.'

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First published: October 25, 2019, 7:28 AM IST
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