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इन 5 नए मुद्दों के साथ यूपी में हुए उपचुनाव, बीजेपी से लेकर विपक्ष तक का होगा लिटमस टेस्ट

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 23, 2019, 3:57 PM IST
इन 5 नए मुद्दों के साथ यूपी में हुए उपचुनाव, बीजेपी से लेकर विपक्ष तक का होगा लिटमस टेस्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी लिटमस टेस्ट है यह उपचुनाव

दरअसल, उपचुनाव कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति, राम मंदिर पर फैसला सुरक्षित होने, आजम खान के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई और मतदान से ठीक पहले हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की नृशंस हत्या के बीच लड़ा गया.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 11 सीटों पर हुए उपचुनाव (By Election) के नतीजों पर आमजन के साथ ही सभी सियासी दलों की निगाहें टिकी हुई हैं. योगी सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद हुए इस उपचुनाव में जहां सरकार के कामकाज की समीक्षा होगी, वहीं इस बार देश के 5 नए सियासी मुद्दों पर भी रेफरेंडम माना जा रहा है. दरअसल, उपचुनाव कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति, राम मंदिर पर फैसला सुरक्षित होने, आजम खान के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई और मतदान से ठीक पहले हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की नृशंस हत्या के बीच लड़ा गया.

हालांकि, पूरे प्रचार के दौरान मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता नदारद दिखे. अखिलेश यादव रामपुर छोड़कर कहीं प्रचार करने नहीं गए. बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव का जिम्मा पार्टी कोऑर्डिनेटर पर छोड़ दिया. दूसरी तरफ कांग्रेस को मतदान से ठीक पहले ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिला. बीजेपी की बात करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर उनकी कैबिनेट और पार्टी संगठन ने उपचुनाव में पूरी ताकत लगा दी.

परिणाम अनुकूल या प्रतिकूल आने पर क्या होगा

जिन 11 सीटों पर मतदान हुए हैं उनमें से रामपुर और जलापूर को छोड़कर बाकी सभी सीटें 2017 में बीजेपी ने जीती थी. उसकी कोशिश सपा से रामपुर और बसपा से जलालपुर सीट भी छिनने की है. लिहाजा उसने पूरी ताकत लगाई है. उसने राष्ट्रवाद से लेकर तीन तलाक, राम मंदिर, कानून व्यवस्था, आजम खान के खिलाफ कार्रवाई सभी मुद्दों को भुनाने की कोशिश भी की है. अगर नतीजे मन मुताबिक़ आए तो बीजेपी कह सकेगी कि उसे राष्ट्रवाद के साथ सभी मुद्दों पर जनता का समर्थन मिला. इतना ही नहीं आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई पर भी वह सपा को घेरेगी. लेकिन इसके उलट अगर नतीजे अनुकूल नहीं आए तो बीजेपी को बचाव करना मुश्किल होगा.

बीजेपी बोली क्षेत्रीय मुद्दे रहते हैं हावी

यूपी बीजेपी के मीडिया सेल प्रभारी राकेश त्रिपाठी कहते हैं उपचुनाव में विपक्ष कहीं नजर नहीं आया. विपक्ष की तरफ से कोई उत्साह नहीं दिखा न ही उनका कोई दिग्गज नेता प्रचार के लिए उतरा. जबकि हमारी पार्टी ने पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा है और नतीजे भी हमारे पक्ष में आएंगे. हालांकि चुनावी मुद्दों पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि उपचुनाव हमेशा क्षेत्रीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं. राष्ट्रीय मुद्दे उपचुनाव में कम हावी होते हैं. अगर ऐसा न होता तो हम गोरखपुर, फूलपुर, कैराना और नूरपुर उपचुनाव नहीं हारते. इस बार हमने सभी पहलुओं को साधने की कोशिश की है. क्षेत्रीय मुद्दों के साथ मैदान में उतरे हैं जिसका लाभ हमें मिलेगा.

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First published: October 23, 2019, 2:23 PM IST
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