UP By-Election Results: मायावती को कम आंकना BJP के लिए बना हार का सबब!

सपा के इस जीत से यह बात भी साबित होती है कि पिछले लोकसभा चुनाव में बासपा भले ही एक भी सीट न जीत सकी हो, लेकिन उसके वोटबैंक में सेंधमारी नहीं हुई है.

Amit Tiwari | News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 7:27 PM IST
UP By-Election Results: मायावती को कम आंकना BJP के लिए बना हार का सबब!
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (Photo : PTI)
Amit Tiwari
Amit Tiwari | News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 7:27 PM IST
लगातार तीन चुनावों- 2012, 2014 और 2017-में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को यूपी में मिली हार के बाद मायावती के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे थे. कहा जाने लगा था कि बसपा का जनाधार यूपी में खत्म हो रहा है. दूसरी तरफ जीत से उत्साहित बीजेपी लगातार कहती रही कि मायावती की अपने परंपरागत दलित वोट बैंक पर पकड़ भी कमजोर हुई है. दावा किया गया कि बीजेपी ने बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाई है. अब बसपा सुप्रीमो मायावती को कम आंकने की कीमत बीजेपी को गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट गवां का चुकानी पड़ी है. बीजेपी यह मानकर चल रही थी कि सपा को बसपा के समर्थन का इतना व्यापक असर नहीं दिखेगा. क्योंकि सबसे बड़ी चुनौती बसपा के कैडर वोट के ट्रांसफर को लेकर थी.

वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र दुबे कहते हैं कि जब 2014 में बसपा को एक भी सीट नहीं मिली तो यह आंकलन किया गया कि बीजेपी ने बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाई है. यही हाल 2017 में भी देखने को मिला. तब भी यही कहा गया कि बसपा के जनाधार में सेंधमारी हुई है. लेकिन नगर निकाय चुनाव में मेरठ और अलीगढ़ की मेयर सीट जीत कर बसपा ने वापसी के संकेत दिए. यही नहीं, उपचुनाव के नतीजे यह भी बताते हैं कि बसपा का कैडर वोट आज भी मायावती के साथ जुड़ा है.

सुरेंद्र दुबे के मुताबिक यहीं बीजेपी से चूक हुई. उसे लगा कि बसपा का वोट सपा को ट्रांसफर नहीं होगा. लेकिन इतने कम समय में बसपा कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ अपने वोट को ट्रांसफर करवाया बल्कि यह भी साबित किया कि मायावती की दलित वोट बैंक पर पकड़ आज भी मजबूत है.

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सपा के इस जीत से यह बात भी साबित होती है कि पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा भले ही एक भी सीट न जीत सकी हो, लेकिन उसके वोटबैंक में सेंधमारी नहीं हुई है. आज भी उसका कैडर वोट मायवती के साथ ने केवल जुड़ा हुआ है बल्कि गठबंधन की स्थिति में भी वह आसानी से ट्रांसफर भी हो सकता है.

हालांकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कहते हैं, “हमने यह उम्मीद नहीं की थी कि बसपा का वोट इस कदर सपा को ट्रांसफर हो जाएगा. हम चुनाव परिणामों की समीक्षा करेंगे और भविष्य में सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ आने की स्थिति में उनसे निपटने की रणनीति बनाएंगे. हम इस नतीजे के बाद 2019 में जीत के लिए भी रणनीति बनाएंगे.”

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि यह एकदम अप्रत्याशित है. इसकी उम्मीद नहीं की गई थी. बसपा का वोट सपा को ट्रांसफर होने की वजह से हार मिली है. पार्टी इसकी समीक्षा करेगी.
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