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UP उपचुनाव 2019: ज्यादातर सीटों पर बीजेपी की जीत का मार्जिन घटा....

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 24, 2019, 6:41 PM IST
UP उपचुनाव 2019: ज्यादातर सीटों पर बीजेपी की जीत का मार्जिन घटा....
यूपी उपचुनाव 2019 में भाजपा की जीत का मार्जिन घटा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जिन सीटों पर भाजपा (BJP) को 2017 के मुकाबले इस बार कम वोट मिले हैं वो हैं सहारनपुर की गंगोह (Gangoh of Saharanpur), चित्रकूट की मानिकपुर (Manikpur of Chitrakoot), अलीगढ़ की इगलास (Iglas of Aligarh), कानपुर की गोविंदनगर (Govindnagar of Kanpur) और मऊ की घोसी. बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान कानपुर, सहारनपुर और चित्रकूट में हुआ है....

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लखनऊ. यूपी में 11 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं. भाजपा ने कहा है कि उसने उपचुनाव में हार का मिथक तोड़ा है. उसे 11 में से 7 सीटों पर जीत मिली है. ये ख्याल उसकी खुशमिजाजी के लिए भले सही हो लेकिन नतीजों ने कहीं न कहीं भाजपा नेतृत्व को सोचने पर भी मजबूर कर दिया होगा.

ज़ैदपुर सीट भाजपा ने खो दी
ऐसा इसलिए क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के मुकाबले इस उपचुनाव में उसे न सिर्फ एक सीट गंवानी पड़ी है बल्कि कई सीटों पर उसकी जीत का अंतर भी काफी कम हो गया है. बाराबंकी जिले की ज़ैदपुर सीट भाजपा ने खो दी है. 2017 के चुनाव में उसके पास इन 11 सीटों में से 8 सीटें थीं और वो भी पार्टी ने बड़े अंतर से जीती थीं लेकिन इस बार के उपचुनाव में ज्यादातर सीटों पर उसकी जीत का  मार्जिन घट गया है. सिर्फ लखनऊ कैण्ट और बलहा ऐसी दो सीटें हैं जिन पर पार्टी ने 2017 का प्रदर्शन बरकरार रखा है. हां रामपुर में हार के बावजूद पार्टी के वोट बढ़े हैं.

जिन सीटों पर भाजपा को 2017 के मुकाबले इस बार कम वोट मिले हैं वो हैं सहारनपुर की गंगोह, चित्रकूट की मानिकपुर, अलीगढ़ की इगलास, कानपुर की गोविंदनगर और मऊ की घोसी. बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान कानपुर, सहारनपुर और चित्रकूट में हुआ है. 2017 के विधानसभा चुनाव में कानपुर की गोविंदनगर सीट पार्टी ने 71 हजार 509 वोटों के अंतर से जीती थी. इसी तरह मानिकपुर को 45 हजार जबकि गंगोह को 38 हजार वोटों के मार्जिन से जीता था. इस उपचुनाव में गोविंदनगर सीट पर जीत का अंतर 50 हजार घट गया है. भाजपा ने इसे 20 हजार वोटों से जीता है. सहारनपुर की गंगोह सीट पर उसे 2017 के 38 हजार के मार्जिन की तुलना में इस बार महज 5 हजार की लीड मिली है.

गिरते-पड़ते मिली जीत
ऐसा ही हाल मानिकपुर सीट का भी है. 2017 में भाजपा ने इसे 45 हजार वोटों के अंतर से जीता था जबकि इस बार ये अंतर महज 13 हजार रह गया है. मऊ की घोसी सीट भी भाजपा ने गिरते पड़ते जीती है. यहां जीत का अंतर महज 1758 ही है जबकि 2017 में पार्टी ने इसे 7 हजार वोटों के मार्जिन से जीता था.
राहत की खबर उसके लिए लखनऊ कैण्ट और बहराइच की बलहा सीट लेकर आई है.
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कैण्ट सीट पर भाजपा की जीत का अंतर 2017 के मुकाबले 2 हजार बढ़ा है जबकि बलहा में लगभग बराबर रहा है. वैसे तो भाजपा रामपुर की सीट हार गयी है लेकिन, उसके लिए एक राहत की खबर रामपुर से भी है. 2017 के मुकाबले इस बार भाजपा को रामपुर में ज्यादा वोट मिले हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के शिव बहादुर सक्सेना को 55 हजार वोट मिले थे जबकि इस उपचुनाव में भारत भूषण गुप्ता को 71 हजार वोट मिले हैं. यानी भाजपा को इस सीट पर हार के बावजूद 16 हजार वोटों का फायदा हुआ है. इस सीट को आज़म खान की पत्नी तज़ीन फात्मा ने 7716 वोटों से जीत लिया है.

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First published: October 24, 2019, 6:40 PM IST
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