UP COVID-19 Update: 24 घंटे में 2,287 नए कोरोना मरीज, 157 की मौत

यूपी में कोरोना संकमण की वजह से आज 157 लोगों की मौत हो गई है..

Lucknow News: पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश में कोरोना (COVID-19) के 2.287 नए मामले सामने आए हैं. संक्रमण की वजह से 157 लोगों की मौत हो गई है.

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    लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शनिवार को 2 हजार से ज्यादा कोरोना (COVID-19) पॉजिटिव केस मिल हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2287 नए कोरोना केस सामने आए हैं. संक्रमण की वजह 157 लोगों की मौत हो गई है. 7902 मरीज आज संक्रमण से रिकवर हुए हैं. यूपी में अब एक्टिव केस 46,201 हो गया है. अब तक 20,208 लोगों की मौत कोरोना क वजह से हुई है. 16,21,743 लोगों ने अब तक कोरोना को मात देने में सफलता हासिल की है.



    इधर, कोरोना संक्रमण के बढ़ते संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक बार फिर वीकेंड कोरोना कर्फ्यू  की समय सीमा बढ़ाई जा सकती हैं. जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आंशिक कोरोना कर्फ्यू की समय सीमा 31 मई की जगह अब 7 जून तक रह सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मई के बाद चरणबद्ध तरीके से पाबंदियों में थोड़ी छूट दी जा सकती है. जबकि रात्रि और साप्ताहिक कर्फ्यू बरकरार रह सकता है. उम्मीद है कि 1 जून से सरकार बाजारों को फिर से खोल सकती है.

    संक्रमण दर में गिरावट

    प्रदेश में संक्रमण की दर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है. उत्तर प्रदेश में टेस्ट,ट्रेस और ट्रीट की नीति के अनुरूप योगी सरकार की नीति के सफल परिणाम देखने को मिल रहे हैं. प्रदेश में कोरोना के रोजाना आने वाले मामलों में तेजी से कमी आई है और 3.30 लाख टेस्ट के बावजूद पिछले 24 घंटे में प्रदेश में संक्रमण के 2200 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान प्रदेश में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. हालांकि रिकवरी दर भी बढ़कर 96.1% हो गई है.
    सरकार ने तैयार किया खास प्लान



    धीमी पड़ती दूसरी लहर के बीच अब तीसरी लहर की आशंका से निपटने के लिए बनारस मॉडल ने नया प्लान बनाया है जो 31 मई से लागू होगा. खास बात ये है कि इस बार ये प्लान न केवल वाराणसी बल्कि मंडल के तीन अन्य जिलों गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर में आजमाया जाएगा. तीसरी लहर में संक्रमण की आशंका बच्चों पर जताई जा रही है. इसी के मद्देनजर ये प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत 31 मई से वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर में प्रतिदिन होने वाली कोरोना जांच की आधी यानी पचास फीसदी जांच नवजात से लेकर 18 साल तक की होगी. यही नही निजी या सरकारी अस्पताल में किसी भी समस्या को लेकर पहुंचने वाले बच्चों को सबसे पहले कोरोना जांच होगी. मसलन, अगर डायरिया, निमोनिया, पेट दर्द या बुखार समेत कोई भी समस्या बच्चे को होती है तो उसकी सबसे पहले कोरोना जांच होगी. इसके लिए सभी निजी और सरकारी बच्चों के अस्पताल को किट सौंप दी गई है. इसके लिए एक जून से बाकायदा अलग तरीके से डाटा तैयार किया जाएगा.