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UP शिक्षक भर्ती: कट ऑफ जारी होने से शिक्षामित्रों को बड़ा झटका!

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 8, 2019, 9:06 AM IST

उत्तर प्रदेश में 69 हज़ार पदों की शिक्षक भर्ती के लिए कट ऑफ जारी कर दिए गए हैं. इसके लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के 60 फीसदी अंक होने चाहिए.

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उत्तर प्रदेश में 69 हज़ार पदों की शिक्षक भर्ती के लिए कट ऑफ जारी कर दिए गए हैं. इसके लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के 60 फीसदी अंक होने चाहिए. गौरतलब है कि बीते रविवार (6 जनवरी 2019) सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था. 4,10,440 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी है. क्वालिटी टीचर्स की भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने यह कट ऑफ निर्धारित किया है. चयनित अभ्यर्थियों को 15 फरवरी से पहले नियुक्ति भी मिल जाएगी.

परीक्षा से पहले भर्ती के लिए जारी शासनादेश में कट ऑफ अंकों का कोई ज़िक्र नहीं किया गया था. 2018 की भर्ती परीक्षा से कट ऑफ लगभग 20% बढ़ा दिया गया है. विभाग का तर्क है कि इस बार ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित परीक्षा ली गई थी, इसलिए कट ऑफ बढ़ा दिया गया है. कट ऑफ लागू होने से शिक्षामित्रों को बड़ा झटका लगा है.

बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापकों के 69 हजार पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को 15 फरवरी से पहले नियुक्ति भी मिल जाएगी. बेसिक शिक्षा विभाग इस भर्ती परीक्षा का परिणाम 22 जनवरी तक जारी करके 15 फरवरी से पहले नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी कर रहा है.

भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की सबसे बड़ी वजह है आगामी लोकसभा चुनाव है. सरकार लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले ही इस भर्ती को पूरा करेगी. इस भर्ती के जल्दी पूरा होने से जहां बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं सरकार भी चुनाव प्रचार के दौरान इसका लाभ ले पाएगी.

परीक्षा नियामक प्राधिकारी को भी समय से रिजल्ट जारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं. साथ ही यह हिदायत भी दी गई है कि रिजल्ट में किसी तरह की गड़बड़ी न हो क्योंकि इससे सरकार को फजीहत का सामना करना पड़ता है. 2018 की शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां होने से सरकार की काफी बदनामी हुई थी. जिस भर्ती के लिए सरकार को क्रेडिट मिलना चाहिए था, वह भर्ती कोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच के दायरे में आ चुकी है. दूसरी शिक्षक भर्ती में ऐसा कुछ न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है. भर्ती पूरी होने के बाद योगी सरकार के खाते में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ जाएगी. सरकार चुनाव में बता पाएगी कि उसके कार्यकाल में दो बार में 1 लाख, 10 हजार शिक्षकों की भर्ती तो सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग में ही हो गई.

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First published: January 7, 2019, 10:18 PM IST
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