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Explained: UP में 300 यूनिट फ्री करने से ज्यादा आसान है बिजली सस्ती करना, जानिए कैसे?

उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब आते ही बिजली को लेकर सियासी दल बड़े एलान कर रहे हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब आते ही बिजली को लेकर सियासी दल बड़े एलान कर रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आपके लिए इसका मतलब: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दोनों विकल्पों फ्री बिजली और सस्ती बिजली के निर्णय पर अध्ययन कर बताया कि सस्ती बिजली सभी उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा कारगर है, जबकि फ्री बिजली का विकल्प दूरगामी नहीं है.

  • News18Hindi
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections-2022) में सस्ती और फ्री बिजली (Free Electricity) मुख्य मुद्दा होगा, यह बात बिलकुल तय है. सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से बिजली के मुद्दे पर लामबंदी में लग गई हैं. आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) ने 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सत्ता में आने पर फ्री बिजली देने व किसानों को भी फ्री बिजली देने का एलान किया है. इससे पहले पश्चिम बंगाल के चुनाव में बीजेपी (BJP) ने कहा था कि उनकी सरकार बनी तो 200 यूनिट फ्री होगी. इसके बाद उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 100 यूनिट बिजली जल्द होगी फ्री. जानकारों का मानना है कि फ्री बिजली सरकारें एक निश्चित समय के लिए दे सकती हैं, वह भी सब्सिडी देकर. लेकिन सस्ती बिजली लम्बे समय तक सभी उपभोक्ताओं को सरकारें दे सकती हैं. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत  उपभोक्ता परिषद का मानना है कि सस्ती बिजली सभी को आसानी से प्रदेश में दी जा सकती है.

परिषद का कहना है कि सभी पार्टियां चुनाव आते ही बड़ी-बड़ी बातें करती हैं लेकिन उसके पीछे कोई प्रस्ताव नहीं घोषित करती हैं. उपभोक्ता परिषद ने दोनों विकल्पों फ्री और सस्ती पर जब अध्ययन किया तो जो स्थिति सामने आई, उसमें सस्ती बिजली सभी उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा कारगर साबित हुई. क्योंकि फ्री बिजली का विकल्प दूरगामी नहीं है.

34 प्रतिशत सस्ती हो सकती है बिजली दरें

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वैसे देश में उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर उदय व ट्रूप में अब तक कुल लगभग 20596  करोड़ रुपया निकल रहा है. जिसके एवज में उपभोक्ता परिषद् ने नियामक आयोग में बिजली दरों में एक साथ 34 प्रतिशत. और यदि एक साथ न सम्भव हो तो अलग-अलग वर्षों में अगले 5 वर्षों तक 6.8 प्रतिशत बिजली दरों में कमी किए जाने की याचिका दाखिल की है. जाहिर है यूपी सरकार आज चाहे तो प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कमी हो सकती है.

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अवधेश वर्मा आगे कहते हैं कि अब सवाल उठता है कि क्या प्रदेश में 300 यूनिट तक बिजली फ्री दी जा सकती है? तो यह सरकारों को तय करना है क्योंकि फ्री बिजली देने का मतलब सरकार उसके एवज में सब्सिडी बढ़ाये.

300 यूनिट बिजली फ्री करने पर सरकार पर बढ़ जाएगा बोझ

पूरे प्रदेश में वर्ष 2021 -22 के आकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में कुल लगभग 2 करोड़ 75 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनसे कुल राजस्व, जो विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया, वह लगभग 26741 करोड़ है. वर्तमान में सरकार द्वारा कुल घोषित सब्सिडी लगभग 11 हजार करोड़ है. अब सवाल यह उठता है कि अगर 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को प्रदेश में फ्री बिजली दी जाय तो उनकी कुल संख्या लगभग 2 करोड़ 43 लाख के करीब होगी और उनसे वर्तमान में जो राजस्व अनुमोदित है, वह लगभग 21186 करोड़ है. यानी फ्री बिजली देना है तो लगभग 21182 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी देनी होगी.

वहीं किसानों की बात करें तो उनकी कुल संख्या लगभग 13 लाख है. उनका जो कुल राजस्व अनुमोदित है, वह लगभग 1845 करोड़ है. यानी किसानों की बिजली फ्री करने के लिए अतिरिक्त लगभग 2000 करोड़ की सब्सिडी सरकार को देना होगा.

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