बिजली चोरी रोकने में कंपनियां नाकाम, आपूर्ति के आधार पर तय होंगीं दरें: नियामक आयोग

ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 12, 2017, 5:55 PM IST
बिजली चोरी रोकने में कंपनियां नाकाम, आपूर्ति के आधार पर तय होंगीं दरें: नियामक आयोग
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में जनसुनवाई.
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Updated: October 12, 2017, 5:55 PM IST
प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा प्रदेश के विभिन्न श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में व्यापक वृद्धि प्रस्ताव पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में जनसुनवाई हुई.

इस दौरान आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल समक्ष किसान मण्डी भवन सभागार में सार्वजनिक सुनवाई सम्पन्न हुई. इसमें बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया. सुनवाई में पावर कारपोरेशन की तरफ से निदेशक वाणिज्य संजय सिंह, मध्यांचल एमडी एपी सिंह सहित दर्जनों अभियन्ता उपस्थित हुए.

विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में बिजली चोरियां रोकने में बिजली कंपनियां नाकाम रही हैं. प्रदेश में 35% बिजली के आपूर्ति के सापेक्ष 5% बिजली की भी वसूली नहीं हो पाती है.

आयोग ने साफ किया कि 19 प्रतिशत लाइन हानियां ही अनुमन्य होंगीं. इससे ज्यादा की लाइन हानियों का उपभोक्ता पर भार नहीं पड़ेगा. इसके लिए लिए बिजली कंपनियां ही जिम्मेदार होंगीं.

अध्यक्ष ने ​साफ किया कि बिजली बिल के बकाये के लिए बिजली कंपनियां ही जिम्मेदार होंगी. बिजली बिल के बकाए का भार उपभोक्ता पर नहीं पड़ेगा. इसके लिए बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को बुलाकर चर्चा की जाएगी.

इसके अलावा आयोग ने साफ कि 1912 नंबर पर कॉल करने वाले लोगों की शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी. अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी मीटर लगवाएं. ग्रामीण बिजली बिल कम करने के लिए बिजली की बचत करें. आयोग ने साफ किया कि बिजली दरें ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति के आधार पर निर्धारित होंगीं.
First published: October 12, 2017
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