ऊर्जा मंत्री साइकिल चला कर रहे नाटक, बिजली महंगी करने की है तैयारी: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साइिकल से चलने को लेकर बयान दिया है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साइिकल से चलने को लेकर बयान दिया है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि जनता को महंगी बिजली देने का मन बनाए ऊर्जा मंत्री ध्यान बंटाने का नाटक कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 2:49 PM IST
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लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी में बिजली व्यवस्था को लेकर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली मीटर खरीद सबसे बड़ा घोटाला है. उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा द्वारा साइकिल चलाकर दफ्तर जाने और लखनऊ के तमाम उपकेंद्रों का निरीक्षण करने को ध्यान बांटने का नाटक बताया. अखिलेश यादव ने कहा कि ऊर्जा मंत्री साइकिल चलाकर नाटक कर रहे हैं. दिवाली बाद बिजली महंगी (Electricity Tariff Hike) करने की तैयारी की गई है.

बता दें कि ऊर्जा मंत्री ने ऐलान किया है कि वह अपने सरकारी आवास से दफ्तर साइिकल से ही जाएंगे. पिछले कुछ दिनों से रोज वह ऐसा कर भी रहे हैं. यही नहीं काम के दौरान ऊर्जा मंत्री शहर के किसी भी इलाके में निकल जाते हैं और उस क्षेत्र के बिजली सब-स्टेशन की समीक्षा करते हैं. इस दौरान बिजली बिल बकाया को लेकर ऊर्जा मंत्री उस क्षेत्र के लोगों से मिलते हैं और समय पर बिल देने की अपील करते हैं.

'दिवाली बाद झटका देने की तैयारी'
अखिलेश ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को तबाह करने की साजिशें शुरू हैं. जनता को महंगी बिजली देने का मन बनाए ऊर्जा मंत्री चलाचली की बेला में साइकिल की सवारी करके और खुद ही बकाया वसूली करके जनता का ध्यान बंटाने का नाटक कर रहे हैं. जनता से धोखाधड़ी में पारंगत भाजपा सरकार उपचुनावों के मद्देनज़र चुप्पी साधे रही. अब दिवाली बाद महंगी बिजली का झटका देने की तैयारी है. भाजपा सरकार 80 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं पर और बोझ डालेगी, जबकि ज्यादा बिजली खपत करने वालों पर राहत बरसेगी. इससे पहले भी बिजली दरों में वृद्धि की जा चुकी है. ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू तथा किसानों के नलकूप की बिजली दरों में भारी बढ़ोत्तरी हो चुकी है.
'ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति 4-6 घंटे ही'


अखिलश यादव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 करोड़ से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं. भाजपा सरकार ने विद्युत के क्षेत्र में गहरी उदासीनता और अक्षमता का परिचय दिया है. भाजपा सरकार में एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं हुआ. अघोषित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति मांग के मुकाबले 4-6 घंटा ही हो रही है. समाजवादी सरकार ने विद्युत क्षेत्र में जो सुधार किए थे उन्हें निष्प्रभावी बनाया जा रहा है.



'भाजपा सरकार का सबसे बड़ा घोटाला मीटर खरीद'
सपा प्रमुा ने कहा कि भाजपा सरकार का सबसे बड़ा घोटाला मीटर खरीद को लेकर है. पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में करीब 2000 करोड़ रुपये के इलेक्‍ट्रॉनिक मीटर, 500 करोड़ के करीब 12 लाख स्मार्ट मीटर खरीदे गए हैं. बिना किसी जांच ग्रामीण क्षेत्र में सौभाग्य योजना के अंतर्गत गरीबों के घर में बिजली मीटर लगते हैं. पावर टेक कम्पनी से खरीदे गए मीटरों में तकनीकी खामियां और बड़े पैमाने पर लोड जम्पिंग की शिकायते सामने आई हैं. इन मीटरों को लगाते समय मीटर की संचार प्रणाली का टेस्ट नहीं किया गया. नई परियोजना या साफ्टवेयर जब किसी नई योजना के लिए लागू होता है तो पहले यूजर एक्सेंप्टेस टेस्ट (यूएटी) कई चरणों में होता है, इसे भी नहीं किया गया.

इनपुट: अलाउद्दीन
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