यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने घर में प्री-पेड मीटर लगाकर किया अभियान का आगाज़
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यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने घर में प्री-पेड मीटर लगाकर किया अभियान का आगाज़
लखनऊ में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने सरकारी आवास पर प्री-पेड मीटर लगवा कर योजना की शुरूआत की

उत्तर प्रदेश के सरकारी आवासों पर 13 हजार करोड़ का बिजली बिल बकाया है. बकाए की इस समस्या से निजात पाने के लिए आज से यूपी में प्रीपेड मीटर योजना का शुभारंभ हुआ है. आज सबसे पहले ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने सरकारी आवास पर प्रीपेड मीटर लगवा कर अभियान को हरी झंडी दिखाई

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश का ऊर्जा विभाग इन दिनों हजारों करोड़ के बिजली बकाए की समस्या से जूझ रहा है. जिसके चलते घाटे में चल रहे ऊर्जा विभाग ने अब बकाए की इस समस्या से निजात पाने के लिए आज से यूपी में प्रीपेड मीटर योजना का शुभारंभ कर दिया है. इस योजना का शुभारंभ आज सबसे पहले ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने सरकारी आवास पर प्री-पेड मीटर लगवा कर किया.

करोड़ों का बकाया
ऊर्जा मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्री-पेड मीटर सबसे पहले उत्तर प्रदेश के सभी नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवासों पर लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवासों पर ही करीब 13 हजार करोड़ का बिजली बिल बकाया है. नेताओं, अधिकारियों और सरकारी विभागों का बिजली बिल नियमित जमा न किए जाने से ये लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की वित्तीय स्थित बदहाल हो गई है. जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

प्री-पेड मीटर योजना की शुरुआत उर्जा मंत्री के राजधानी लखनऊ के कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर प्री-पेड मीटर लगाकर की गई है. ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अपने आवास पर लगाए गए प्रीपेड मीटर का फीता काटकर शुभारंभ किया. जिसके बाद मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी संजय गोयल ने उर्जा मंत्री के आवास पर लगे प्री-पेड मीटर का प्रमाणपत्र भी उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को दिया. इस दौरान उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि 'योगी सरकार उत्तर प्रदेश के हर घर को 24 घंटे सस्ती दर पर बिजली देना चाहती है. लेकिन उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ का बिजली बिल बकाया होने से हम चाहकर भी बिजली उपभोक्ताओ को बेहतर सुविधा नहीं दे पा रहे हैं.
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली विभाग का आम उपभोक्ताओं के साथ सरकारी विभागों पर भी हजारों करोड़ का बकाया है. जिसके चलते सबसे पहले यूपी के नेताओं, अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों में प्री-पेड मीटर लगाने की योजना शुरू की है. उर्जा मंत्री ने आगे बताते हुए कहा कि 'योगी सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए सूबे के 75 जिलों में 65 बिजली थाने खोलकर बिजली चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है. साथ ही किसानों और गरीब बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी कई हितकारी योजनाएं चलाई है.



उन्होंने बताया कि बिजली बकाया जमा कराने के लिए 4 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए आसान किश्त योजना चलाई जा रही है. जिसका लाभ उठाकर उपभोक्ता अपना बिल जमाकर सरचार्ज से छूट पा सकते हैं. उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने एक और जहां नेताओं, अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों के बाद हाई लाइन लास वाली जगहों पर भी प्रीपेड मीटर लगाए जाने की जानकारी दी. तो वहीं दूसरी ओर 15 प्रतिशत से कम लाइन लास वाले शहरों, कस्बों और गांवो में भी 24 घंटे के भीतर 24 घंटे बिजली आपूर्ति भी शुरू कर दिए जाने का दावा किया.

कंट्रोल रूम रखेगा नजर
स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली उपभोक्ता अब मोबाइल की तरह मीटर रिचार्ज कराकर अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकेंगे. सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 3200 रूपये और थ्री फेज स्मार्ट मीटर की कीमत 3500 रूपये है. हर शहर के बिजली निगम में एक कंट्रोल रूम होगा. स्मार्ट प्रीपेड मीटर को कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा. मीटर के अलावा कंट्रोल रूम में भी उपभोक्ता की रीडिंग नोट होगी. इसके लिए कंट्रोल रूम में एक सॉफ्टवेयर अपलोड किया जाएगा. अगर कोई उपभोक्ता मीटर से छेड़छाड़ करता है तो उसका सिग्नल कंट्रोल रूम को फ़ौरन मिल जाएगा. अगर कोई उपभोक्ता समय पर बिजली बिल नहीं भरता तो कंट्रोल रूम से उसे पहले एक मैसेज भेजा जाएगा और फिर अपने आप कनेक्शन कट जाएगा. जिससे बिजली विभाग को बकाया बढ़ने की समस्या से निजात मिल जाएगी.
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