UP के ऊर्जा मंत्री ने 10 KM साइकिल चलाकर किया उपकेंद्र का औचक निरीक्षण, बोले- अब रोज ऐसे ही जाऊंगा घर से दफ्तर

साइिकल चलाकर औचक निरीक्षण करने जाते यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा
साइिकल चलाकर औचक निरीक्षण करने जाते यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा (Shrikant Sharma) ने प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि डिस्कॉम में डीजल गाड़ियों को हटाकर प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उपयोग को बढ़ावा दें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 10:19 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा (Shrikant Sharma) ने ऊर्जा विभाग में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने शुक्रवार को राजधानी के वृंदावन सेक्टर-5 स्थित उपकेंद्र का औचक निरीक्षण के दौरान दिए. खास बात ये रही कि ऊर्जा मंत्री खुद करीब 10 किलोमीटर साइकिल (Bicycle) चलाकर घर से सीधे उपकेंद्र निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने ट्वीट कर ऐलान भी किया कि वह रोज लखनऊ आवास से शक्ति भवन कार्यालय अब नियमित रूप से साइकिल पर ही जाएंगे.

डिस्कॉम में डीजल गाड़ियां हटाएं

ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि डिस्कॉम में डीजल गाड़ियों को हटाकर प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उपयोग को बढ़ावा दें. कम से कम महानगरों में इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे ऊर्जा विभाग पर्यावरण के अनुकूल वातावरण निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित कर सके. ऐसे प्रयासों से आम लोग भी पर्यावरण के प्रति सजग हो सकेंगे.





आम लोग भी साइिकल केउपयोग को बढ़ावा दें

श्रीकांत शर्मा कहा कि केवल सरकार ही नहीं आम लोगों को भी इस अभियान में जुड़ना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य और पर्यावरण को देखते हुए साइकिल के उपयोग को बढ़ावा दें. कोरोना के कारण लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है. ऐसे में लोग साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देंगे तो अपने स्वास्थ्य के साथ बेहतर पर्यावरण के लिए अपनी जवाबदेही भी प्रदर्शित करेंगे.

उपभोक्ता को समस्या न हो

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कमियों को दूर करने के निर्देश दिए साथ ही अधिकारियों को खुद से अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा. उपभोक्ता को समस्या न हो, उसे समय पर सही बिल मिले इसका विशेष ध्यान रखा जाए. अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं से संवाद व उनके फीडबैक के आधार पर व्यवस्था सुधार के प्रयास किये जाएं.
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