UPPCL अध्यक्ष को अभियंताओं की चेतावनी- वीडियो कांफ्रेंसिंग में जुबान संभाल के!

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 27, 2019, 1:16 PM IST
UPPCL अध्यक्ष को अभियंताओं की चेतावनी- वीडियो कांफ्रेंसिंग में जुबान संभाल के!
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश की आपात बैठक.

उत्तर प्रदेश के बिजली अभियंता संघ ने आरोप लगाया है कि यूपीपीसीएल (UPPCL) अध्यक्ष मीटिंगों और वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अभियंताओं के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं. मामले में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव ने यूपीपीसीएल अध्यक्ष को पत्र लिखा है.

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बिजली की समस्या से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के पावर कॉर्पोरेशन के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है. बिजली अभियंता संघ ने आरोप लगाया है कि यूपीपीसीएल (UPPCL) अध्यक्ष आलोक कुमार  मीटिंगों और वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अभियंताओं के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं.  मामले में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव ने यूपीपीसीएल अध्यक्ष को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि वीडियो कांफ्रेंसिंग/बैठकों में अमर्यादित व्यवहार की बात संघ के संज्ञान में आई है. 22 अगस्त को चेयरमैन की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग में अभियंताओं के प्रति आपके द्वारा असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता है. इससे प्रदेश के सभी अभियंताओं में काफी रोष व्याप्त है और अभियंताओं का मनोबल क्षीण हुआ है.

इसमें मांग की गई है कि भविष्य में होने वाली बैठकों, वीडियो कांफ्रेंसिंग या किसी भी स्तर पर अभियंताओं के प्रति असंसदीय या अशोभनीय भाषा का प्रयोग न किया जाए. साथ ही अध्यक्ष अधीनस्थों को निर्देश दें कि वे भी अभियंताओं के साथ ऐसा व्यवहार न करें. नहीं तो प्रदेश के बिजली अभियंता प्रबंधन के साथ असहयोग के लिए बाध्य होंगे.

up state electricity
अमर्यादित भाषा को लेकर अभियंता संघ का पत्र


'हम मान रहे शायद जुबान फिसल गई होगी'

मामले में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव ने राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चेयरमैन की मीटिंग और वीडियो कांफ्रेसिंग के कुछ वीडियो और शिकायतें उनके संज्ञान में आई थीं. जिसमें चेयरमैन द्वारा अभियंताओं से अमर्यादित व्यवहार और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया. मामले में हमने चेयरमैन को पत्र लेकर शिकायत का संज्ञान लेने को कहा है. उन्होंने कहा कि चूंकि ये पहला वाकया है लिहाजा हम मानकर चल रहे हैं कि शायद जुबान फिसल गई होगी. लेकिन अगर आगे भी ऐसी बात सामने आती है तो अभियंता संघ कड़ा कदम उठाने को बाध्य होगा. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पावर कार्पोरेशन की तरफ से इस पत्र पर कोई जवाब नहीं आया है.

उत्पीड़न और निजीकरण के विरोध में आंदोलन का ऐलान

उधर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन के उत्पीड़नात्मक रवैये एवं निजीकरण की कार्यवाही के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने प्रान्तव्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया है. समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने ऊर्जा निगमों के प्रबन्धन को नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण की चल रही प्रक्रिया निरस्त न की गयी, प्रबन्धन ने कर्मचारियों की ज्वलन्त समस्याओं का समाधान न किया और उत्पीड़नात्मक रवैया बन्द न किया तो प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी व अभियन्ता प्रान्तव्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करने हेतु विवश होंगे.
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First published: August 27, 2019, 12:20 PM IST
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