लाइव टीवी

यूपी के आंगनवाड़ी केंद्रों में बड़ा घोटाला, पंजीकृत हैं 14 लाख से ज्यादा ‘फर्जी बच्चे’

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 18, 2018, 10:15 PM IST
यूपी के आंगनवाड़ी केंद्रों में बड़ा घोटाला, पंजीकृत हैं 14 लाख से ज्यादा ‘फर्जी बच्चे’
आंगनवाड़ियों में सामने आया बड़ा घोटाला (प्रतिकात्मक फोटो)

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी में कुल 1.08 करोड़ बच्चे पंजीकृत हैं और इस वित्त वर्ष में इन केंद्रों के लिये फरवरी 2018 तक कुल 2,126 करोड़ रुपये जारी किये गए.

  • Share this:
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का दावा है कि यूपी में 1.88 लाख आंगनवाड़ियों में 14 लाख से ज्यादा ‘‘फर्जी बच्चे’’ दर्ज पाए गए हैं. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण परिषद की एक बैठक में गुरुवार को मंत्रालय को बताया गया कि प्रदेश में चल रही 1.88 लाख आंगनवाड़ियों में करीब 14.57 लाख फर्जी लाभार्थी दर्ज थे.

बता दें कि ग्रामीण बाल देखभाल केंद्र, आंगनवाड़ी की स्थापना सरकार द्वारा छह साल तक की उम्र के अल्प पोषित और सही से विकास नहीं कर पा रहे बच्चों की सहायता के लिये किया गया था. अधिकारी ने कहा, ‘‘फर्जी बच्चों की पहचान आधार के साथ लाभार्थियों के पंजीकरण के बाद हुई.’’

न्नाव में फिल्म सिटी बनी तो मिलेगा 1 लाख लोगों को रोजगार: रवि किशन

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी में कुल 1.08 करोड़ बच्चे पंजीकृत हैं और इस वित्त वर्ष में इन केंद्रों के लिये फरवरी 2018 तक कुल 2,126 करोड़ रुपये जारी किये गए. अधिकारी ने कहा कि हर बच्चे के खाने के लिये प्रतिदिन मंत्रालय की तरफ से 4.8 रुपये दिये जाते हैं, जबकि इस मद में राज्य का योगदान 3.2 रुपये होता है.

पुलिस को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले सीएम योगी खुद ही तार-तार कर रहे अपनी बात: कांग्रेस

उन्होंने कहा, ‘‘फर्जी बच्चों की पहचान के साथ ही यह पाया गया कि उत्तर प्रदेश में प्रति महीने 25 करोड़ रुपये बचाए जा सकते हैं.’’ एक अन्य महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने कहा कि देश में बच्चों की कुल जनसंख्या का करीब 39 फीसद उत्तर प्रदेश में रहता है इसलिए राज्य में बच्चों की संख्या ज्यादा है.

राम मंदिर के लिए अयोध्या में धर्मसभा से पहले बाइक रैलियां निकाल माहौल बनाने में जुटी VHP
Loading...

देश भर की आंगनवाड़ियों में पंजीकृत फर्जी लाभार्थियों की पहचान और उन्हें सूची से हटाया जाना एक ‘‘अनवरत प्रक्रिया’’ है. खाद्य वितरण प्रणाली में कई तरह की कमियों का हवाला देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि उन बच्चों की संख्या को सत्यापित करें जिन्हें ‘‘वास्तव में भोजन दिये जाने की जरूरत है’’.
(एजेंसी इनपुट के साथ)

आजमगढ़: खेत में बिलखती मिली लावारिस नवजात बेटी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 18, 2018, 9:59 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...