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बड़ी खबर : UP डाटा सेंटर नीति 2021 को कैबिनेट की मंजूरी, 20 हजार करोड़ का होगा निवेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 को मंजूरी दे दी गई. मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय किया गया है कि समय की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद परिवर्तन भी किया जा सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 10:44 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi adityanath) की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इसमें उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 (Uttar Pradesh Data Center Policy 2021) को मंजूरी दे दी गई. मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय भी लिया गया है कि समय की आवश्यकताओं के अनुरूप ‘उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021‘ में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद परिवर्तन भी किया जा सकेगा.

मंत्रिमंडल की बैठक के निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश डाटा सेण्टर नीति के अन्तर्गत राज्य में 250 मेगावॉट डाटा सेण्टर उद्योग विकसित किया जाएगा. इसके साथ राज्य में 20,000 करोड़ रुपए का निवेश आकृष्ट होगा. तथा कम से कम 03 अत्याधुनिक निजी डाटा सेण्टर पाक्र्स स्थापित कराए जाने का लक्ष्य है. नीति के अन्तर्गत डाटा सेंटर पार्क और डाटा सेंटर इकाइयों को पूंजी उपादान, ब्याज उपादान, भूमि के क्रय अथवा पट्टे पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट तथा ऊर्जा से सम्बन्धित वित्तीय प्रोत्साहनों के अतिरिक्त विभिन्न गैर वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे. इसमें बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है.

डाटा सेण्टर इकाइयों के आस-पास बड़ी संख्या में सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी जनित इकाइयों की स्थापना होती है. इनमें प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होते हैं. इस नीति से प्रदेश में 03 सम्भावित डाटा सेण्टर पाक्र्स तथा 10 डाटा सेण्टर इकाइयों की स्थापना से लगभग 4,000 व्यक्तियों हेतु प्रत्यक्ष एवं 10,000 से 20,000 व्यक्तियों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होने की सम्भावना है.



डाटा सेण्टर नीति निर्गत होने से इस क्षेत्र के सम्भावित निवेशक प्रदेश में अपने डाटा सेण्टर अथवा सूचना प्रौद्योगिकी या सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा उद्योगों की स्थापना से प्रोत्साहित होंगे. ग्लोबल डाटा सेण्टर्स जैसे अमेजॉन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आई0बी0एम0 आदि कंपनियों के इत्यादि के आने की सम्भावना बढ़ेगी. इससे उत्तर प्रदेश विश्वस्तर पर प्रतिष्ठित हो सकेगा साथ ही डाटा स्टोरेज में देश और प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी यह बड़ा कदम होगा.
वर्तमान में देश का अधिकांश डाटा देश के बाहर संरक्षित किया जाता है. डाटा सेण्टर पाक्र्स और डाटा सेण्टर इकाइयों की स्थापना के लिए प्रदेश में अभी कोई डाटा सेंटर नीति नहीं है. इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा डाटा सेण्टर नीति बनाए जाने का निर्णय लिया गया है. इस नीति के प्रख्यापन से पूर्व ही, राज्य सरकार को कई प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर राज्य सरकार द्वारा सक्रियता से कार्य किया जा रहा है.
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